शाम छह बजे जब ब्रजेश अपने संग वालों के साथ बाकलपुर और नरहरा के मध्य आया। तभी रंजिश के चलते गांव के ओमप्रकाश के लड़के करतार सिंह, नरेंद्र सिंह, रवेंद्र सिंह, देव सिंह के लड़के भूरे उर्फ कायम सिंह और ज्ञान सिंह तथा नरेंद्र के साले राहुल उर्फ कल्लन निवासी नगला दीपा थाना भोगांव जिला मैनपुरी ने उसे घेर लिया और तमंचों से गोलियां चला दीं। इससे ब्रजेश की मौत हो गई।
मामले की जांच के बाद पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र भेजा। डीजीसी द्वारा सरकारी गवाहों के माध्यम से आरोपों को साबित कराया गया। जबकि आरोपियों द्वारा झूठा फंसाया जाना बताया। दोनों पक्षों की बहस तथा पत्रावली पर मौजूद सबूतों के आधार पर जिला जज अनुपम कुमार ने आरोपी करतार सिंह, नरेंद्र सिंह, रवेंद्र सिंह, भूरे उर्फ कायम सिंह और ज्ञान सिंह को दोषी ठहराया। सभी को आजीवन कारावास से दंडित करने का आदेश दिया है। साथ ही सभी पर 27-27 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
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छेड़खानी के विवाद में की गई थी हत्या
इस मामले में विवाद की वजह दोषी पक्ष की एक किशोरी से छेड़छाड़ रही थी। मृतक ने आरोपी करतार सिंह की बहन से छेड़खानी की बात सामने आई थी। बहन द्वारा की गई शिकायत के बाद दोषी ब्रजेश से नाराज थे।
एक आरोपी को किया बरी
इस मामले में एक आरोपी नरेंद्र के साले राहुल उर्फ कल्लन को बरी किया गया है। उसके खिलाफ आरोप साबित नहीं हो सका।
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अवैध असलहा मामले में पांच साल की कैद
जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि नरेंद्र सिंह को अदालत ने अवैध असलहा रखने के मामले में पांच साल के कारावास तथा पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।