ये है मामला
गांव हसनपुर निवासी सतेंद्र सिंह ने 16 जून को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप है कि गांव के ही विक्रम सिंह ठाकुर व सतेंद्र उर्फ भूरे ठाकुर ने हमला करके पीटा। चाकू से निजी अंग रेत दिया। पांच माह की गर्भवती पत्नी पूजा को भी लाठी-डंडों से पीटा। यह लोग मेरी खाली पड़ी जमीन पर खड़े बबूल के पेड़ काट रहे थे, इसका विरोध किया था। पीड़ित परिवारों का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज करने के बाद आरोपी पक्ष की ओर से समझौते के लिए दबाव बनाया गया। धमकियां मिलने से भयभीत होकर सतेंद्र, इसके चाचा के पुत्र संतोष और मोहनपाल अपने घरों में ताले लगाकर चले गए हैं। दरवाजों पर लिख दिया गया है कि यह मकान बिकाऊ है।
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दहशत में आकर छोड़ा घर
सतेंद्र के चाचा रामबरन ने बताया कि हम लोगों के सात परिवार थे। सतेंद्र का एक भाई करीब एक साल पहले आगरा जाकर रहने लगा। अन्य तीन परिवार इस घटना के बाद दहशत में आकर भाग गए हैं। आरोपी पक्ष करीब डेढ़-दो साल से लगातार झगड़ा कर रहा है। हमें दबकर रहने को मजबूर किया जाता है। झगड़े की रिपोर्ट पहले भी दर्ज हुईं, लेकिन कभी कोई कार्रवाई नहीं की गई। सतेंद्र की चाची लक्ष्मी देवी ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज होने पर धमकी दी गई कि 24 घंटे में अंजाम भुगतना होगा। जिससे तीन परिवार चले गए। हम लोग दहशत में रह रहे हैं। कोतवाली देहात प्रभारी शंभूनाथ ने बताया कि आरोपी भागे हुए हैं, गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
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मामले की जा रही है जांच
एडीएम प्रशासन आलोक कुमार ने बताया कि मामले में पुलिस कानूनी कार्रवाई और विवेचना कर रही है। यदि पलायन की बात है तो इसे दिखवाकर पीड़ित परिवारों को पूरी सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।