एटा। राजकीय इंटर कॉलेज में शनिवार को राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईईएलआईटी) ने ओ-लेवल की ऑफलाइन परीक्षा आयोजित की। इसमें कुछ छात्र-छात्राओं को देरी से पहुंचने पर परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई। परीक्षा केंद्र के बाहर छात्र-छात्राएं काफी देर तक प्रवेश के लिए गुहार लगाते रहे, लेकिन उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया। इससे कई छात्र-छात्राएं भावुक होकर रो पड़े और परीक्षा देने से वंचित हो गए। पहले दिन दोनों पालियों में 65 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।
ओ-लेवल की परीक्षा के लिए राजकीय इंटर कॉलेज को केंद्र बनाया गया। पहली पाली के लिए सुबह 10 से 12 बजे तक का समय निर्धारित किया गया था। परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों को 9ः30 बजे तक पहुंचने के निर्देश थे। छात्रों का आरोप है कि वे परीक्षा शुरू होने से पहले ही केंद्र पर पहुंच गए थे, लेकिन कॉलेज प्रशासन ने उन्हें प्रवेश देने से इनकार कर दिया। उन्होंने शिक्षकों से अनुरोध किया कि यदि कुछ मिनट की देरी हुई है तो उन्हें परीक्षा देने का अवसर दिया जाए, क्योंकि इससे उनका पूरा साल प्रभावित हो सकता है। इस दौरान कई छात्राएं रोती रहीं और बार-बार प्रवेश की अनुमति मांगती रहीं, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई।
पहले दिन 591 अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा
शनिवार को राजकीय इंटर कॉलेज में दो पालियों में ओ-लेवल की परीक्षा आयोजित की गई। इसमें पहली पाली में कुल 308 अभ्यर्थी पंजीकृत थे जिसमें 45 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। वहीं 263 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। दूसरी पाली में कुल 348 अभ्यर्थी पंजीकृत थे जिसमें 20 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। शेष 328 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। इस प्रकार पहले दिन 591 छात्र परीक्षा में सम्मिलित हुए।
ओ-लेवल की परीक्षा सुबह 10 बजे से 12 बजे तक होनी थी। परीक्षा केंद्र पर 9 बजे पहुंच गए थे लेकिन हमें अंदर नहीं जाने दिया गया। वहीं लाइन में लगे कुछ बच्चों को परीक्षा केंद्र में घुसने दिया गया। - अरसिमा परवीन, अभ्यर्थी
ओ-लेवल की परीक्षा देने के लिए आए थे। परीक्षा केंद्र पर 9ः30 बजे पहुंच गए लेकिन शिक्षकों ने अंदर नहीं जाने दिया। काफी मिन्नतें करने के बाद भी परीक्षा केंद्र में नहीं घुसने दिया गया। इससे एक साल की मेहनत खराब हो गई। - ज्योति, अभ्यर्थी
सुबह 9ः30 बजे तक परीक्षा केंद्र में अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया गया। कुछ अभ्यर्थी देर से पहुंचे जिन्हें परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया। - सुभाष सिंह, प्रधानाचार्य, राजकीय इंटर कॉलेज
ओ लेवल परीक्षा देने से वंचित अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र के बाहर खड़े हुए। स्रोत स्वयं
ओ लेवल परीक्षा देने से वंचित अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र के बाहर खड़े हुए। स्रोत स्वयं