एटा। एमसीआई (मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया) की टीम के निरीक्षण में मिली खामियों की रिपोर्ट पर शनिवार को प्रदेश के अपर महानिदेेशक (एडीजी) चिकित्सा शिक्षा डॉ. एनसी प्रजापति ने जिले में पहुंचकर मेडिकल कॉलेज के इंतजाम देखे। इमरजेंसी सहित ओपीडी और ओटी (ऑपरेशन थिएटर) का निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
एडीजी डॉ. प्रजापति ने बताया कि वह एमसीआई टीम द्वारा दर्ज कराई गईं खामियों को दूर कराने के लिए आए हैं। उन्होंने सीएमएस डॉ. आरके अग्रवाल, मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. राजेश गुप्ता सहित सीएनडीएस के प्रोजेक्ट मैनेजर के साथ अस्पताल का निरीक्षण किया। सीएमएस को व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सितंबर में एमसीआई टीम के दोबारा आने की संभावना है। उन्होंने ऑक्सीजन प्लांट सहित निर्माणाधीन आरटी पीसीआर लैब को भी देखा।
इस दौरान एडीजी ने जिला अस्पताल में उपस्थिति पंजिका को देखा तो तीन चिकित्सक अनुपस्थित मिले। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई। सीएमएस को निर्देश दिए कि बायोमीट्रिक मशीन से सभी की उपस्थिति लगाई जाए। 24 घंटे इमरजेंसी के बाद अवकाश प्रक्रिया को बंद किया जाए। व्यवस्था की जाए कि प्रत्येक चिकित्सक प्रतिदिन ओपीडी में बैठकर मरीजों को देखे।
एडीजी ने बांटी जिम्मेदारी
एडीजी ने बताया कि अस्पताल के बेहतर संचालन के लिए डॉ. प्रदीप कुमार को भर्ती मरीजों और ओपीडी, डॉ. आर के अग्रवाल को इमरजेंसी, डॉ. अशोक कुमार को मैटरनिटी विंग, डॉ. एबी सिंह को पीडियाट्रिक वार्ड की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी दी है।