एटा। तापमान बढ़ते ही बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। कोई उल्टी व दस्त से परेशान है तो कोई बुखार से ग्रसित है। एक बच्ची उल्टी दस्त और एक किसान की मौत तीन दिन बुखार आने पर हो गई।
जैथरा ब्लॉक क्षेत्र के गांव गढि़या निवासी अमर सिंह ने बताया उसकी 5 वर्षीय बेटी साक्षी को 3 दिन से उल्टी व दस्त की समस्या थी। उसे गांव में चिकित्सक को दिखाया था, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। शुक्रवार की रात को जैथरा पीएचसी पर लेकर गए। वहां चिकित्सक ने उपचार किया। शनिवार की सुबह मेडिकल कॉलेज को रेफर कर दिया। यहां इमरजेंसी में चिकित्सक ने मृत बता दिया।
निधौलीकलां ब्लॉक क्षेत्र के गांव जाटवपुर निवासी छोटेलाल ने बताया उसके 55 वर्षीय पिता विजयपाल को 3 दिन से बुखार आ रहा था। गांव में चिकित्सक को दिखाया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। शुक्रवार की रात को हालत ज्यादा खराब हुई। इस पर मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में लेकर गए। वहां चिकित्सक ने मृत बता दिया। मेडिसिन विभाग में मरीजों को देख रहे चिकित्सक डॉ. उत्कर्ष पांडेय ने बताया बुखार के साथ पेट की समस्या के मरीज अधिक आ रहे हैं। प्रतिदिन दो से तीन मरीजों को भर्ती करना पड़ रहा है। बताया कि उल्टी-दस्त में मरीज के अंदर पानी की कमी हो जाती है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं करनी चाहिए। शनिवार को करीब 120 बुखार के पीड़ित व पेट की समस्या के 60-65 मरीज रहे।