एटा। गेहूं और धान की बिक्री करने वाले जिले के 119 ऐसे किसान चिन्हित किए गए हैं, जिन्होंने तीन लाख से अधिक कीमत का गल्ला बेचा है। इन सभी के पात्र गृहस्थी राशन कार्ड भी बने हुए हैं। यह मानक के विपरीत है। इस तरह ये मालदार किसान गरीब बनकर सरकारी राशन ले रहे थे। ब्लॉक स्तर से इनका सत्यापन कराया जा रहा है।
पात्र गृहस्थी राशन कार्ड की पात्रता सूची में विभिन्न मानक तय किए गए हैं। अपात्रता की श्रेणी के लिए भी मानक दिए गए हैं। इसमें प्रमुख रूप से आय के मानक के तहत परिवार की वार्षिक आय तीन लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा चार पहिया वाहन, ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, जेनरेटर, शस्त्र लाइसेंस, सौ वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल का मकान, एयर कंडीशनर होने पर आवेदक को अपात्र माना जाता है।
पिछली धान और गेहूं खरीद के दौरान सरकारी केंद्रों पर खाद्यान्न बेचने वाले किसानों का पैसा जब बैंक में पहुंचा तो आधार कार्ड लिंक से उनका विवरण पूर्ति विभाग के पास भी पहुंचा। इसमें 119 ऐसे किसान पाए गए जिनके पात्र गृहस्थी राशन कार्ड बने हुए हैं। इन सभी ने तीन लाख रुपये से अधिक का गल्ला बेचा है। यह सूची शासन द्वारा जिला पूर्ति विभाग को भेजी गई है। जिस पर किसानों का सत्यापन कराया जा रहा है।
शासन से 119 ऐसे किसानों की सूची मिली है, जिन्होंने 3 लाख या इससे अधिक कीमत का खाद्यान्न बेचा है। इन सभी का सत्यापन संबंधित बीडीओ के माध्यम से कराया जा रहा है। अपात्र किसानों के कार्ड निरस्त किए जाएंगे।
- राजीव कुमार मिश्रा, डीएसओ