कुंडा का गुंडाराज सालों से चर्चा में रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह हों या फिर मायावती सभी ने कुंडा के गुंडाराज पर नकेल की कोशिश की थी। बहुचर्चित दिलेरगंज कांड भी पूरे प्रदेश के लिए बदनुमा दाग माना जाता है। इसी कुंडा विधानसभा का बलीपुर गांव एक बार फिर गुंडागर्दी का गवाह बना।
हालत यह है कि बलीपुर में जातीय संघर्ष के हालात बन गए हैं। सीओ कुंडा जियाउल हक को जिस बेरहमी से मारा गया वह प्रदेश पुलिस के इकबाल पर गहरी चोट है। प्रधान और उसके भाई की हत्या, घंटों गोलीबारी, आगजनी, तोड़फोड़ और पुलिसवालों पर हमले के इस मामले में दूसरे दिन तक कार्रवाई के नाम पर कुछ भी नहीं किया जा सका। दो हत्याओं समेत सीओ की हत्या कर दहशत फैलाने वाले अभी भी खुलेआम घूम रहे है।
अखिलेश सरकार पर सवालिया निशान
दिल दहला देने वाले इस हत्याकांड से प्रदेश की अखिलेश सरकार पर सवालिया निशान लग रहे हैं। इस मामले में शुरू से ही अखिलेश सरकार के खाद्य व रसद मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया शक के घेरे में हैं, क्योंकि जिन दो गुटों में जमीन के झगड़े में झड़प और फायरिंग हुई वो सभी राजा भैया के करीबी हैं। दोनों ही गुट समाजवादी पार्टी के हैं। राजा भैया और उनके जिन 4 साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है वो चार लोग हैं कुंडा का सपा अध्यक्ष गुलशन यादव, राजा भैया का प्रतिनिधि हरिओम श्रीवास्तव, राजा भैया का ड्राइवर गुड्डू सिंह और गनर रोहित सिंह।
खाकी पर भारी 'गुंडाराज'
शनिवार की रात बलीपुर गांव में जो कुछ भी हुआ वह खाकी को शर्मसार करने वाला ही है। गांव के प्रधान नन्हें यादव और वहीं के रहने वाले कामता पाल के परिवार के बीच मार्केट और जमीन को लेकर रंजिश चल रही थी। कामता पाल को राजा के करीबी माने जाने वाले गुड्डू सिंह, राजीव सिंह और अजीत सिंह का समर्थन हासिल हो रहा था। चिंगारी यहीं से भड़की और मौत के खेल की प्लानिंग हो गई।
चलता है 'राजा' का हुक्म
कुंडा में कहावत है कि किसी भी विवाद में आगे क्या होना है यह 'राजा' तय करेंगे। ऐसे में नन्हें यादव को बलीपुर चौराहे पर सरेआम गोलियों से भून देने का मामला राजनीतिक रंग ले रहा है। प्रधान और उसके भाई की हत्या के बाद से कामता पाल समेत पाल बस्ती के ज्यादातर लोग घर छोड़कर भागे हैं। पाल बस्ती के तीन घरों को प्रधान समर्थकों ने फूंक दिया है। प्रधान के घरवालों ने कामता पाल समेत खाद्य मंत्री रघुराज प्रताप उर्फ राजा भैया के करीबियों पर केस दर्ज कराया है। जमीन को लेकर शुरू हुई जंग अब जातीय संघर्ष का रूप लेती दिख रही है।
राजा भैया के कहने पर मेरे पति को मारा
सीओ की पत्नी परवीन आजाद ने सीधे राजा भैया पर आरोप लगाए हैं। राजा भैया के सात समर्थकों के खिलाफ हत्या का केस भी दर्ज हुआ है। जिस तरह से रविवार को जियाउल हक के घरवाले और समर्थन में उतरे मुस्लिम बोर्डिंग के छात्रों ने राजा भैया का विरोध किया वह एक नई चिंगारी की तरफ इशारा है। आक्रोश प्रदेश सरकार के खिलाफ भी है, यही वजह है कि मुलायम सिंह यादव मुर्दाबाद के नारे भी लगाए गए। इस नई चिंगारी को कांग्रेस समेत दूसरे दलों के नेता हवा देने की कोशिश कर रहे हैं।