आगरा में आवास विकास कालोनी की खराब सड़कों के चलते मंगलवार को जमकर बवाल हुआ। करकुंज चौराहे के पास गड्ढे में असंतुलित होकर तीन बच्चों को स्कूल छोड़ने जा रहे व्यापारी की एक्टिवा पलट गई और पीछे से आ रही ट्रक ने बच्चों को कुचल दिया।
गंभीर हालत में तीनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद बच्चों की मौत की खबर फैली तो भड़की भीड़ चार घंटे तक सड़क पर बवाल करती रही। ट्रक में आग लगा दी। चौराहे जाम कर दिए।
भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया तो जवाब में पथराव शुरू हो गया। पुलिस ने तब रबर की गोलियां चलाईं। कहा जा रहा है कि पुलिस ने हवा में गोलियां भी दागीं।
बच्चों को कुचलता निकल गया ट्रक
कालोनी के सेक्टर-12 सी निवासी मनजिंदर सिंह सोने की ट्रेडिंग करते हैं। सुबह तकरीबन साढ़े आठ बजे वह अपने तीन बच्चों प्रियांशु (13), लिंपसी (10) और क्रिस्टीना (6) को शास्त्रीपुरम स्थित गायत्री पब्लिक स्कूल छोड़ने जा रहे थे। करकुंज चौराहे से चंद कदम आगे सड़क पर गहरा गड्ढा है।
यहां उनका स्कूटर असंतुलित हुआ और बच्चे सड़क पर गिर पड़े। तभी पीछे से आ रहा ईंटों से लदा ट्रक बच्चों को कुचलता निकल गया। तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। चीख-पुकार पर लोग दौड़े तो चालक ट्रक छोड़कर भाग निकला।
कुछ लोग बच्चों को अस्पताल ले गए तो बाकी भीड़ ने क्लीनर की पिटाई के बाद ट्रक में आग लगा दी। आए दिन हो रहे हादसों से गुस्साए कालोनी के लोगों ने करकुंज चौराहा, कारगिल रोड पर आर्यन इंस्टीट्यूट मोड़ और पानी की टंकी के पास जाम लगा दिया।
'बच्चों का हो रहा इलाज'
भाजपा नेता भी वहां पहुंचे। भीड़ ने तीन अन्य ट्रकों में भी तोड़फोड़ कर डाली। पुलिस ने भाजपा नेता व अन्य पर लाठीचार्ज किया तो गुस्साई भीड़ ने पथराव करना शुरू कर दिया।
पुलिस ने हवाई फायरिंग करके जाम लगा रहे लोगों को खदेड़ दिया। पथराव में एसपीआरए पूर्वी, सीओ छत्ता, इंस्पेक्टर न्यू आगरा समेत कई पुलिसकर्मी चोटिल हो गए।
हादसे में घायल बच्चों की मौत की अफवाह के बाद लोग फिर भड़के। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बच्चों का इलाज चल रहा है, किसी की जान को खतरा नहीं है। उन्होंने लोगों को समझा बुझाकर जाम खुलवाया।