सरयू के जलस्तर में कमी के बावजूद रामजानकी मार्ग पर दबाव, भारी वाहनों के आवागमन पर रोक
बरहज। दो दिनों तक स्थिर रहने के बाद सरयू नदी के जलस्तर में पांच सेमी की कमी दर्ज की गई है। नदी के पीछे हटने पर तटवर्ती गांवों के लोगों ने राहत महसूस की है। हालांकि पानी रामजानकी मार्ग पर दबाव बना रहा है। इससे भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी गई है।
रविवार को थाना घाट पर बाढ़ खंड विभाग की ओर से बनाए गए मीटर गेज पर नदी खतरे के निशान 66.50 मीटर से 1.60 मीटर ऊपर 68.10 मीटर पर बह रही थी। नदी दो दिन पूर्व नदी 68.15 मीटर तक पहुंच गई थी। परसियां-विशुनपुर देवार के 26 टोले पानी से घिर गए हैं। जबकि भदिला प्रथम गांव और गोरखपुर का विस्थापित कोलखास गांव मैरुंड है। नगर के केवटलिया, रगरगंज, पुराना बरहज, पटेल नगर, आजाद नगर दक्षिणी वार्ड में नदी का पानी पहुंच गया है। कपरवार संगम तट और कटइलवा के रास्ते नदी बेलडांड़, नौका टोला, मठियां, कुवाईच टोला, धनया कुंड महाल गांवों के रास्ते रामजानकी मार्ग और बिनवापुरी में रुद्रपुर मार्ग तक पहुंच गई है। पैना और उग्रसेन सेतु के निकट गोरखपुर जनपद में रामजानकी मार्ग पर जगह-जगह रिसाव हो रहा है। कहीं-कहीं नदी सड़क पर कटान भी कर रही है। नदी में आई बाढ़ से तटवर्ती गांवों के लोगों की दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। लोगों के समक्ष भोजन-पानी और मवेशियों के लिए चारा का संकट बना हुआ है। लोगों का कहना है कि प्रशासन की ओर से पहुंचाई जा रही मदद नाकाफी साबित हो रही है।
गिरेंद्र प्रताप ने कराई नाव की व्यवस्था
बरहज। चारों ओर पानी से घिरे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष गिरेंद्र प्रताप यादव ने विशुनपुर, नौकाटोला और राजपुर गांव के लिए नाव की व्यवस्था कराई है। नदी तट पर वैदिक मंत्रों के बीच पूजा-अर्चन कर नाव ग्रामीणों को दी गई। इस दौरान सुरेश, उदयभान यादव, घनश्याम, पवन, बबलू, भरत, अंगद, सतपाल, यमुना निषाद, फेंकू, बृजेश यादव आदि मौजूद रहे।
सरयू का थमा वेग, लेकिन दुश्वारियां बरकरार
भागलपुर। पहाड़ी और मैदानी इलाकों में हुई बारिश की वजह से सरयू नदी करीब एक पखवारे से बेग में थी। शनिवार को नदी के जलस्तर में 5 सेमी की कमी दर्ज की गई। तटवर्ती इलाकों के लोगों ने राहत की सांस ली है। तुर्तीपार रेगुलेटर पर रविवार को शाम 4 बजे नदी का जलस्तर 65 मीटर 45 सेमी दर्ज की गई जो खतरे के निशान से 1 मीटर 15 सेमी ऊपर है। तटवर्ती गांव के लोगों में अब भी भय व्याप्त है कि कहीं नदी दोबारा न बढ़ने लगे। महीनों से नदी में उतार-चढ़ाव हो रहा है। केंद्रीय जल आयोग के जेई प्रकाश ओझा ने बताया कि नदी का जलस्तर कम हो रहा है। 24 घंटे में 5 सेमी की कमी दर्ज की गई है। मीटर पर निगरानी रखी जा रही है।