सरयू नदी में उफान से रिहायशी इलाकों में घुसा पानी
बरहज। सरयू नदी उफान पर है। नदी का जलस्तर बढ़ने से पानी सीता घाट स्थित पुरंदरनाथ मंदिर की सीढ़ियों को छूने को मचल रहा है। नदी खतरे के निशान से एक मीटर दस सेमी ऊपर प्रवाहित हो रही है, जिससे नदी का पानी नगर के कुछ वार्डों तथा खेतों के रास्ते तटवर्ती गांवों तक पहुंच गया है। सरयू रामजानकी मार्ग से सटकर बहने लगी है। लोगों में बाढ़ की संभावना से दहशत है।
सरयू नदी के करवट लेने से जलस्तर में बेतहाशा वृद्धि हुई है। पिछले छह दिनों से नदी लगातार बढ़त बना रही है। बृहस्पतिवार को नदी खतरे के निशान 66.50 से एक मीटर दस सेमी ऊपर 67.60 मीटर पर बह रही है। नदी में उफान से रामघाट जलमग्न हो गया है। जबकि नदी पुरंदरनाथ बाबा मंदिर की सीढ़ियों को छूने के लिए निरंतर आगे बढ़ रही है। नदी का पानी बेलडाड़, नौकाटोला, कटइलवा, कुवाइच टोला, मठियां आदि गांवों तक पहुंच गया है। भदिला प्रथम और परसियां-विशुनपुर देवार के आठ टोले चारों ओर से नदी के पानी से घिर गए हैं। जिससे गांवों के लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। उन्हें जरूरत के सामानो की खरीदारी आदि कार्यों को लिए नाव से आवाजाही करनी पड़ रही है। नदी में जलस्तर में वृद्धि के कारण खेतों में पानी जाने से फसल बर्बाद हो रही है। मवेशियों के लिए चारा का संकट बना हुआ है। नदी का विकराल होता रुप देख लोग उ ित ठौर की तलाश में जुट गए हैं। सभी के जेहन में 1998 का मंजर कौंध रहा है। इस संबंध में एसडीएम संजीव कुमार यादव ने बताया कि नदी के बढ़त बनाने से स्थिति असामान्य हो गई है। हालात से निपटने का पुखत इंतजाम किया गया है।
आजाद नगर दक्षिणी वार्ड में घुसा बाढ़ का पानी
बरहज। सरयू नदी में उमड़ रहे सैलाब से राप्ती नदी भी उफान पर है। जलस्तर में बेतहाशा हुई वृद्धि से बाढ़ का पानी आजाद नगर दक्षिणी में मजार की सीढ़ियों तक पहुंच गया है। जबकि मुुनीर शाह, मुन्ना शहनाई, शोहराब, फिरोज, निजामुद्दीन सिद्दीकी, नवाब हुसैन सहित अन्य लोगों के घरों तक नदी का पानी पहुंच गया है। जबकि पटेल नगर पूर्वी में भी दर्जनों लोगों के घरों तक पहुंच गया है।
भदिला प्रथम और दियारा में लगाई गईं 10 नावें
बरहज। सरयू नदी में आई बाढ़ के कारण दर्जनों गांवों की स्थिति दुरुह हो गई है। पानी से घिरे होने के कारण लोगों का आवागमन नाव के जरिए हो रहा है। जान जोखिम में डाल लोग जरुरत के सामानों के लिए जुगाड़ू नाव से सफर कर रहे हैं। एसडीएम संजीव कुमार यादव ने बताया कि भदिला प्रथम और परिसयां-विशुनपुर देवार में पांच-पांच मझोली नावें लगाई गई हैं। जऱ्रत पड़ने पर नावों की संख्या बढ़ाई जाएंगी।
अगले 24 घंटे तक जलस्तर में वृद्धि के आसार
भागलपुर। सरयू नदी ने अब रिहायशी इलाकों की ओर रुख कर लिया है। दिनोदिन बढ़ते जलस्तर ने इलाकाई लोगों की रातों की नींद उड़ा दी है। वैसे तो पिछले जून में ही नदी का मिजाज तल्ख हो गया था। लेकिन बीच में अचानक नदी का जलस्तर खतरे के बिंदु से नीचे आ गया। इससे किनारे बसे लोगों ने राहत की सांस ली थी। एक बार फिर नदी के जलस्तर में वृद्धि शुरू हो गई है।
तुर्तीपार रेगुलेटर पर बृहस्पतिवार को नदी का जलस्तर 65 मीटर पर पहुंच गया जो खतरे के निशान से 70 सेंटीमीटर ऊपर है। केंद्रीय जल आयोग तुर्तीपार के कर्मचारियों के अनुसार, नदी के अगले 24 घंटे तक जल स्तर में वृद्धि जारी रहने की संभावना है। बीते पांच दिनों में नदी के जलस्तर में 70 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे तटवर्ती इलाकों में दहशत का माहौल है। जल स्तर में हो रही वृद्धि के कारण तटवर्ती इलाकों की फसल जल मग्न होती जा रही है। ब्लॉक के बलिया, भागलपुर, छित्तुपुर, देवसियां, नरसिंहडाड़, तेलियां आदि गांव की धान, मक्का, सब्जी की फसल नष्ट होने के कगार पर है। केंद्रीय जल आयोग तुर्तीपार के जेई ने बताया कि जलस्तर में आगे भी वृद्धि के आसार हैं। नदी पर निगरानी रखी जा रही है।
छोटी गंडक व खनुवा नदी में उफान जारी
भाटपाररानी। तहसील क्षेत्र के अंतर्गत बहने वाली खनुवा व छोटी गंडक नदी में दूसरी बार उफान जारी है। इससे आसपास के गांव के लोग बाढ़ की आने की आशंका से दहशत में रह रहे हैं। नदी के जलस्तर में प्रतिदिन वृद्धि जारी है।
खनुवा नदी तहसील क्षेत्र के ग्राम बनकता शंभू के पास आकर छोटी गंडक नदी मे मिलती है। इस समय इन दोनों नदियों में तेजी से उफान जारी है। छोटी गंडक नदी का जल स्तर तटबंधों के अंदर अब आसपास के खेतों में फैलने लगा है, जबकि खनुवा नदी केहुनियां, धर्मखोर करन, सरया घाट, कुकुर घांटी आदि स्थानों पर तेजी से बंधे को काट रही है। धर्मखोर करन गांव के पास बने रेगुलेटर में भी रिसाव जारी है। इससे इस गांव के लोग बाढ़ आने की आशंका से दहशत में जी रहे हैं। इस गांव के लोगों ने जिला प्रशासन से इन तटबंधों का निरीक्षण का कटान रोकने के समुचित उपाय की मांग की है। इस संबंध में एसडीएम ध्रुव कुमार शुक्ल ने बताया कि नदी के तटबंधों पर हल्का लेखपालों के माध्यम से नजर रखी जा रही है।