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वायरल फीवर की चपेट में बच्चे, कम पड़े बेड, एक बेड पर दो-तीन बच्चों को करना पड़ रहा भर्ती

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वायरल फीवर की चपेट में बच्चे, कम पड़े बेड, एक बेड पर दो-तीन बच्चों को करना पड़ रहा भर्ती
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देवरिया। वायरल संक्रमण बढ़ता जा रहा है। बड़ी संख्या में लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। सबसे अधिक प्रभावित बच्चे हो रहे हैं। अस्पताल में अचानक भीड़ बढ़ने से बेड कम पड़ गए हैं। एक बेड पर दो से तीन बच्चों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। लोग बेड के लिए परेशान हैं। अस्पताल में सुविधा न मिलने पर कुछ लोग निजी अस्पताल की ओर रुख कर रहे हैं, लेकिन वहां भी भीड़ है। शुक्रवार को एईएस की रिपोर्ट में दो मरीज मिले। एईएस के कुल चार मरीजों का इलाज चल रहा है।
वायरल फीवर के मरीज हर रोज बढ़ रहे हैं। तकरीबन हर घर में लोग इससे पीड़ित हैं। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कालेज बुखार, सर्दी, खांसी, जुकाम, झटका, उल्टी-दस्त, निमोनिया से पीड़ित मरीज पहुंच रहे हैं। बाल रोग के ओपीडी में हर दिन औसतन 150 बच्चों को लेकर लोग इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। गंभीर रूप से बीमार करीब बीस से अधिक बच्चों को भर्ती किया जा रहा है। अस्पताल में वार्ड में बेड से अधिक बच्चे भर्ती किए गए हैं। अन्य बीमार बच्चों के लिए बेड उपलब्ध नहीं है। कुछ दवाएं बाहर से भी मंगाई जा रही हैं।
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अस्पताल फुल, नहीं मिल रहा बेड
जिला अस्पताल का पीआईसीयू तथा चिल्ड्रेन वार्ड भरा पड़ा है। अस्पताल में बच्चों के लिए कुल 35 बेड है। इस समय वार्डों में 52 बच्चों का इलाज चल रहा है। एक बेड पर दो व तीन बच्चों के होने से मरीज व तीमारदार को परेशानी हो रही है, लेकिन इलाज कराने को मजबूर हैं। मरीजों की बढ़ी संख्या को देखते हुए अस्पताल प्रशासन को बेड बढ़ाने की चिंता नहीं है।
एक जनवरी से ये मिले मरीज
जनपद में जनवरी माह से अब तक एईएस के 56 मरीज मिले हैं। डेंगू के पांच, चिकनगुनिया के 12, जेई के दो, स्क्रब टायफस के 19, अननोन 26 शामिल हैं। इसमें एईएस के बीस मरीजों को रेफर किया गया।
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ये बरतें सावधानी
बच्चों को पूरी बांह का कपड़ा पहनाएं
साफ- सफाई रखें, बच्चों को बारिश में भींगने व धूप में खेलने न दें
बीमार व्यक्ति से बच्चों को दूरी बनाकर रखें
ठंडा पानी, आइसक्रीम, शीतल पेयपदार्थ, सड़क किनारे ठेले पर खुले में बिकने वाले सामान का सेवन न करने दें
बुखार के मरीज बढ़े हैं। इसे देखते हुए बेड की संख्या बढ़ाई जा रही है। अस्पताल में जांच व अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। जरूरी दवाओं की कमी नहीं है। मरीजों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। -डॉ. एएम वर्मा, प्राचार्य, महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज
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