देवरिया। शहर के रामलीला मैदान के पास व सूरत मल्टीप्लेक्स कांप्लेक्स के समीप स्थित दो प्रतिष्ठान के कैश काउंटर का जिम्मा संभाले दो कर्मचारियों ने करीब 1.20 करोड़ रुपये उड़ा दिया। दो वर्ष में दोनों कर्मचारियों ने दोनों प्रतिष्ठान से राशि को जालसाजी तरीके से हड़प लिया। इसका खुलासा उस समय हुआ जब संचालक को प्रतिष्ठान घाटे में जाते दिखा। इसके बाद उसने सीसीटीवी फुटेज से हर कर्मचारियों की गतिविधियां देखनी शुरू की। उसने देखा कि दोनों कर्मचारी मूल रसीद में पैसा कम दर्शाते हुए ग्राहकों को अधिक कीमत की रसीद देते थे। यही नहीं काउंटर हर सप्ताह एक गड्डी निकाल कर जेब में रख लेते थे। इसके बाद दोनों कर्मचारियों को उनकी करतूत बताते हुए पैसे वापस देने की बात कही।
ऐसा नहीं करने पर उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज करवाने की बात कही। इस पर शनिवार को दोनों कर्मचारियों ने संचालक को धमकाते हुए जान से मारने की धमकी दी। संचालक ने पुलिस को तहरीर देकर कानूनी कार्रवाई करने की गुहार लगाई है। शहर के रामनाथ देवरिया निवासी व प्रतिष्ठान संचालक उस्मान गनी पुत्र स्व. स्माईल अंसारी ने पुलिस को तहरीर दी है। आरोप लगाया है कि उनका प्रतिष्ठान रामलीला मैदान के पास एसएस माल व सूरत मल्टीप्लेक्स कांप्लेक्स के पास ईजी मार्ट है। जिसका संचालन अपने बड़े माई मो. इसराफिल अंसारी के सहयोग से करते हैं। दोनों प्रतिष्ठान में सहयोग के लिए लगभग 40-50 कर्मचारियों को रखा है। प्रतिष्ठान एसएस माल में लगभग दो वर्ष पूर्व से प्रतिवर्ष लगभग 30-35 लाख रुपये यानी दो वर्ष में लगभग 70 लाख रुपये की हानि हो रही थी तथा इसी तरह मेरे प्रतिष्ठान ईजी मार्ट में लगभग दो वर्ष में 40-50 लाख रुपये की हानि हुई है। यह देख मैंने स्टाक मिलान व जांच के दौरान एक सप्ताह पूर्व सीसीटीवी की फुटेज निगरानी में अपने यहां कार्यरत एक कर्मचारी जो कैश काउंटर का कार्य देखता था उसे कैश से एक गड्डी को चुराकर अपने पाकेट में रखते हुए देखा जो लगभग एक सप्ताह तक प्रतिदिन एक गड्डी को चुराकर अपने पाकेट में रख लेता था। यह सीसीटीवी में दर्ज है। यह कर्मचारी ग्राहकों को फर्जी रसीद अंकित कर दे देता था तथा हिसाब किताब में फर्जीवाड़ा व कूटरचना कर आंकड़ा दर्ज कर देता था व फर्जीवाड़ा कर मूल रसीद में कुछ रकम व उसके कार्बन प्रति में कुछ अन्य अलग रकम दर्ज करता था। इसी तरह ईजी मार्ट में कार्यरत कर्मचारी कैश की हेरा फेरी कर कई लोगों के खाते में कई लाख का ट्रांजेक्शन किया है वह स्टाॅक में लाखों की हेरा फेरी कर चोरी किया है। ग्राहकों को दिए जाने वाले रसीद में मूल प्रति में कुछ रकम तथा उसके कार्बन प्रति में अन्य रकम दर्ज करके प्रार्थी का लाखों का रकम फर्जीवाड़ा कर चुरा लिया है।