डाला गांव के लोगोें से लिया बयान, पहचान पत्रों की होगी जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। राजस्व अभिलेख में मर चुके राम अवध के जिंदा या मुर्दा होने की सबूत तलाश शुरू हो गई है। शनिवार को राजस्व विभाग की टीम उनके पैत्रिक गांव डाला में सच्चाई का पता लगाने पहुंची। पट्टीदार उनकी पहचान को लेकर सवाल उठा रहे हैं, वहीं गांव के लोगों ने राजस्व कर्मियों को वास्तविकता से रूबरू कराया। टीम अपना रिपोर्ट जांच अधिकारी को सौंपेगी।
डाला निवासी रामअवध पिछले तीन साल से अपने जिंदा होने का सबूत दे रहे हैं। उनका आरोप है कि पट्टीदारों ने जमीन हड़पने की नियत से आठ साल पहले उन्हें कागज में मार डाला था। रामअवध के अनुसार गांव का हर बड़ा बुजुर्ग उन्हें जानता है और वह उन्हें पहचानते हैं। उन्होंने आधार कार्ड और वोटर लिस्ट में भी अपना नाम दर्ज कराया है। रामअवध की एक संतान राजाराम भी है।
राजस्व विभाग की जांच टीम में हल्का लेखपाल स्वतंत्र यादव, अजीत पांडेय, ज्ञान सिंह, रंजीत ने गांव के लोगों का बयान दर्ज कराया। वह उनकी आधार कार्ड और निर्वाचन कार्ड की जांच करेंगे। जांच टीम के सदस्यों ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर मामले की गहनता से जांच हो रही है। मामले की जांच कर रहे नामित अधिकारी को जांच रिपोर्ट सौंप दी जाएगी। रामअवध की कहानी की सिलसिलेवार रिपोर्ट अमर उजाला में छपने के बाद लोग राजस्व विभाग की कारगुजारी को कोस रहे हैं।