संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। अटेवा पेंशन बचाओ मंच की देखरेख में बृहस्पतिवार को शिक्षकों ने पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर हुंकार भरी। हर ब्लॉकों से जिला मुख्यालय पर आए सैकड़ों शिक्षकों ने स्पोर्ट्स स्टेडियम गेट से आक्रोश मार्च निकाला और मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। उन्होंने कलक्ट्रेट में प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
बड़ी संख्या में जुटे शिक्षकों, कर्मचारियों ने एनपीएस-यूपीएस हटाओ, ओपीएस वापस लाओ के नारे लगाते हुए आगे बढ़े। इनका कहना था कि एनपीएस, यूपीएस शिक्षकों-कर्मचारियों के हितों के खिलाफ है, जो उनके बुढ़ापे को सामाजिक सुरक्षा प्रदान नहीं करती है। अटेवा के मंडलीय संगठन मंत्री मदन सिंह पटेल ने कहा कि सरकार एनपीएस व यूपीएस लागू कर शिक्षकों-कर्मचारियों के साथ बड़ा छलावा कर रही है। पहले ही पुरानी पेंशन को समाप्त कर बुढ़ापा अंधकारमय कर दिया गया है। जिलाध्यक्ष जयप्रकाश कुशवाहा ने कहा कि सरकार, सरकारी सेवाओं का निजीकरण कर एवं नई पेंशन व्यवस्था लागू कर धन्नासेठों को फायदा पहुंचाने का काम कर रही है। नई पेंशन व्यवस्था शेयर आधारित है, इसमें कर्मचारियों के अंशदान का भी गबन किया जा रहा है। आक्रोश मार्च को संयुक्त कर्मचारी संघ, प्राथमिक शिक्षक संघ, जूनियर शिक्षक संघ, माध्यमिक शिक्षक संघ एकजुट व चेतनारायन गुट, नर्सेज संघ, शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ, लेखपाल संघ, विशिष्ट बीटीसी शिक्षक संघ, माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट, मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन, उ.प्र.राज्य कर्मचारी संघर्ष समिति, उ.प्र.महिला शिक्षक संघ आदि ने समर्थन दिया। मार्च में देवेंद्र सिंह, संदीप यादव, रामप्रताप रंजन, जितेंद्र यादव, शैलेंद्र सैनी, भोपाल सिंह, कमलेंश गोंड, नरेंद्र कुशवाहा, अजय सिंह, प्रियव्रत सिंह आदि शामिल रहे।