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Deoria News: खेतों में फटी दरारें देख किसानों का फट रहा कलेजा

Sat, 12 Jul 2025 11:57 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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देसही देवरिया क्षेत्र में सूख रही धान की फसल
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बारिश नहीं हुई तो बर्बाद हो जाएगी फसल
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संवाद न्यूज एजेंसी

तरकुलवा। मानसून कमजोर होने से लगभग एक पखवारे से बारिश नहीं हो रही है। इस कारण धान की फसल को ज्यादा नुकसान हो रहा है। बारिश नहीं होने से खेतों में दरार फट गई है। खेतों में फटी दरार और बर्बाद हो रही धान की फसल को देखने के बाद किसानों का कलेजा फट रहा है। कर्ज लेकर धान की रोपाई करने वाले किसानों को यह चिंता सता रही है कि बारिश नहीं हुई तो फसल बर्बाद हो जाएगी। फिर घर-परिवार का खर्चा कैसे चलेगा।
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पथरदेवा व तरकुलवा विकास खंडों में पिछले एक पखवाड़े से बारिश नहीं होने से किसान काफी चिंतित है। किसान जैसे-तैसे पंपिंग सेट मशीन से खेतों में पानी भरकर धान की रोपाई तो कर चुके है। लेकिन बारिश नहीं होने से कनकपुरा, तरकुलवा, कंचनपुर, नारायणपुर, मठिया महावल, सोहनरिया, अमवा, नरहरपट्टी, बाबूपट्टी, बंजरिया, बेलही, जमुनी, जलुआ, बरईपट्टी, रामपुर धौतल, गुलहरिया, सिसवा, भरौटा, मुड़िकटवा, परसौनी आदि गांवों में धान की फसल पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। खेतों में दरार पड़ गई है। अब बारिश नहीं होने से फसल बर्बाद हो रही है। कभी कभार आसमान में बादल तो छा रहे हैं लेकिन बारिश नहीं हो रही है। आसमान में बादल छाने से किसानों को बारिश होने की आशा बनती है। परंतु फिर तेज धूप निकल जाने से किसानों के अरमानों पर पानी फिर जा रहा है। सिसवा-मुड़िकटवा गांव के किसान रामनरेश कुशवाहा ने बताया कि कर्ज लेकर एक बीघा खेत बटइया पर लेकर धान की रोपाई की थी। बारिश नहीं हो रही है, जिससे फसल बर्बाद हो रही है। फसल नहीं होगी तो घर-परिवार का खर्चा और बेटा-बेटियों की पढ़ाई कैसे होगी? खेतों में फटी दरार देखकर कलेजा फटा जा रहा है। हरैया गांव के किसान सतीश शर्मा ने बताया कि किसी तरह पंपिंग सेट मशीन से सिचाई कर धान की रोपनी कराया हूं। बारिश नहीं होने से फसल खेत में सूख रही है। नारायणपुर के किसान हसनैन खान ने बताया कि बारिश नहीं होने से फसल बर्बाद हो रही है। डर सता रहा है कि कहीं अकाल न पड़ जाए। किसान बिजली सिंह, रामकृपाल राव, जितेंद्र सिंह, प्रमोद दुबे उर्फ रिंटू बाबा, सतीश जायसवाल, अशोक कुमार, महेश चौहान, गोबर्द्धन मद्धेशिया आदि ने बताया कि पंद्रह दिन पहले धान की रोपनी कराई गई। इसके बाद से ही तेज धूप से फसल सूखने के कगार पर है। यदि तीन-चार दिन और बारिश नहीं हुई तो फसल चौपट हो जाएगी।
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