बरहज थाना घाट पर बने मीटर गज पर खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर बह रही नदी
- डूबी पक्के घाट की सीढि़यां, जहाज घाट वार्ड में नाली के रास्ते पहुंचने लगा नदी का पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश और नेपाल द्वारा छोड़े गए पानी से सरयू में सैलाब उमड़ आया है। जिससे राप्ती भी उफान पर है। पिछले एक सप्ताह से जलस्तर में हो रही बेतहाशा वृद्धि से सरयू खतरे के निशान 66.50 से एक मीटर ऊपर 67.50 मीटर पर बहने लगी है। जिससे तटवर्ती गांवों के लोगों में खलबली है।
सरयू का जलस्तर थमने का नाम नहीं ले रहा है। रोजाना नदी पांच से 10 सेमी की बढ़त बना रही है। शुक्रवार को थाना घाट पर बने मीटर गेज पर सरयू का जलस्तर 67.50 मीटर तक पहुंच गया था। नदी के जलस्तर में निरंतर हो रही वृद्धि से पक्के घाट की सीढि़यां जलमग्न हो गई हैं। वहीं बाढ़ का पानी नाली-नालों के रास्ते जहाज घाट वार्ड तक पहुंचने लगा है। जबकि नदी पार परसियां-विशुनपुर देवार के एक दर्जन से अधिक मोहल्लों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है।
सरयू में आई बाढ़ के कारण राप्ती भी उफान पर है। चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिर जाने के कारण भदिला प्रथम गांव टॉपू बना हुआ है। वहीं नदी कपरवार स्थित उग्रसेन सेतु से सटे गोरखपुर जनपद के विस्थापित कोलखास गांव में जाने वाले रास्ते तक पहुंच गई है। नदी में उमड़ रहे सैलाब से बाढ़ का पानी परसियां-विशुनपुर देवार में पीडब्ल्यूडी, कटइलवा-कपरवार संगम तट, बिनोवापुरी नवीन बंधे और मोहरा-केवटलिया बांध पर दबाव बना रहा है। नदी के जलस्तर में हो रही वृद्धि से तटवर्ती गांवों के लोगों की नींद उचट गई है। लोगों को अन्य प्रांतों में आए बाढ़ जैसे मंजर का भय सताने लगा है।
कोट-
जलस्तर में वृद्धि हो रही है। बाढ़ चौकियों को अलर्ट करते हुए नजर रखने के लिए कर्मचारियों को तैनात कर दिया गया है। जरुरत पड़ने वाली जगहों पर नाव भी लगा दिया गया है।
विपिन कुमार द्विवेदी एसडीएम, बरहज