ईएमटी व आशा की सूझबूझ से एंबुलेंस में गूंजी किलकारी
देवरिया। सदर ब्लाक के बरडीहा अली गांव की गर्भवती ने पैकौली के समीप मंगलवार को 102 नंबर एंबुलेंस में बच्चे को जन्म दिया। आशा तथा एंबुलेंस के ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) की सूझबूझ से सुरक्षित प्रसव कराया गया। इसके बाद सीएचसी मझगांवा में भर्ती कराया गया, जहां जच्चा व बच्चा स्वस्थ हैं।
जनपद में स्वास्थ्य विभाग की संचालित 102 नंबर एंबुलेंस सेवा गर्भवती के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है। सदर ब्लाक के बरडीहां अली गांव के मोहन की पत्नी रंजना को मंगलवार की सुबह प्रसव पीड़ा होने लगी। मोहन के अनुसार, आशा की सूचना पर 102 नंबर एंबुलेंस लेकर ईएमटी जितेंद्र कुमार सिंह, पायलट चंद्रजीत सिंह पहुंचे। गर्भवती को लेकर सीएचसी मझगांवा के लिए चले, लेकिन रास्ते में प्रसव पीड़ा बढ़ गई। गर्भवती की स्थिति बिगड़ती देख ईएमटी ने पैकौली चौराहे के पास एंबुलेंस रोक दी। आशा कार्यकर्ता रंजना और चालक की मदद से सुरक्षित प्रसव हुआ। मोहन के अनुसार, आशा की तत्परता और एंबुलेंस टीम की सूझबूझ से सुरक्षित प्रसव संभव हो पाया। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। ईएमटी ने बताया कि आपात स्थितियों से निपटने का उन्हें प्रशिक्षण दिया जाता है। आशा कार्यकर्ता की मदद से महिला का सुरक्षित प्रसव कराया गया।
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एक साल में 24 महिलाओं का एंबुलेंस में हुआ प्रसव
देवरिया। एंबुलेंस सेवा के डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम मैनेजर अर्पित त्रिपाठी ने बताया कि जनवरी 2021 से अब तक 24 महिलाओं का ईएमटी, आशा कार्यकर्ता और पायलट की सूझबूझ से एंबुलेंस में सुरक्षित प्रसव कराया गया है। सभी जच्चा-बच्चा स्वस्थ हैं। उन्होंने बताया कि एंबुलेंस में ड्यूटी करने वाले ईएमटी को हैदराबाद में प्रशिक्षण दिया जाता है।