फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नकईल-सेमरौना बांध पर राप्ती नदी की कटान तेज, तलशपुरवा, नरायनपुर और बहोरा में कट रहे मकान

विज्ञापन
विज्ञापन
नकईल-सेमरौना बांध पर राप्ती नदी की कटान तेज, तलशपुरवा, नरायनपुर और बहोरा में कट रहे मकान
विज्ञापन

रुद्रपुर। खतरे के निशान के ऊपर बह रही गोर्रा और राप्ती नदियों बंधों को काट रही हैं। राप्ती नदी नकईल और सेमरौना बांध पर लगातार कटान कर रही है। नदियों के कटान को देख सिंचाई विभाग दिन रात बंधों को बचाने में लगा है। जलस्तर घटने के साथ कटान भी तेज हो रही है। ऐसे में दोआबा और कछार में खतरा बरकरार है।
विज्ञापन

शुक्रवार को गोर्रा नदी और राप्ती नदी खतरे के निशान 70.50 से एक मीटर ऊपर बह रही थी। राप्ती नदी सेमरौना नकईल बांध पर कई जगहों पर तेजी से कटान कर रही है। कटान को रोकने के लिए सिंचाई विभाग के सभी प्रयास विफल हो जा रहे। दो बार गायघाट गांव को उजाड़ चुकी नदी तीसरी बार अपने आगोश में लेने को आगे बढ़ रही है। गांव के खेती योग्य भूमि को नदी काट कर गोरखपुर जिले में छोड़ चुकी है। हर साल नदी गायघाट गांव का रकबा कम करती जा रही है। नदी के मुहाने पर बसे तलशपुरवा के लोगों ने मकान खाली कर दिया है। पिछले साल दस घर नदी में विलीन हो गए। आठ घरों पर नदी सीधे टक्कर मार रही है। बंधे और नदी के बीच बसे नरायनपुर की मकाने नदी की तरफ झुक रही है। कटान को देख तटवर्ती गांव के लोग दहशत में है। बाढ़ के पानी से घिरे गांव से पानी हटने के बाद संक्रामक बीमारी को लेकर ग्रामीण दहशत में है। कृतपुरा, गायघाट, इस्लामबाद, सोनबह, भिरवा, सचौली पटवनिया, सिकड़िया, पिड़हनी आदि गांव के लोगों गांव में छिड़काव कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि उनके घरों के सामने बाढ़ का पानी लग गया था। अब पानी हटने के बाद जलजनित बीमारियां फैलने की भय बना है। प्रशासन गांव में स्वास्थ्य विभाग की कैंप लगा कर छिड़काव और सफाई कार्य कराना जरूरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें