मन लगाकर पढ़ें, सफलता आपके क दम चूमेगी
कृष्णा पब्लिक स्कूल में कॅरियर एवं विभिन्न विषयों के बारे में सीओ सिटी ने ली जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। नगर क्षेत्राधिकारी डॉ. श्रीयश त्रिपाठी ने कहा कि सरकार महिलाओं के सम्मान एवं सुरक्षा के लिए लगातार बेहतर कार्य कर रही है। आज हर क्षेत्र में इनके लिए अवसर बढ़े हैं। छात्र जीवन में पढ़ाई के प्रति गंभीर बने। गणित व अंग्रेजी से डरें मत। सभी विषयों पर फोकस करते हुए आगे बढ़ें। एक दिन सफलता आपके कदम चूमेगी। वह शनिवार को आईटीआई के समीप स्थित कृष्णा पब्लिक स्कूल में अमर उजाला फाउंडेेशन की ओर से अपराजिता अभियान के अंतर्गत आयोजित पुलिस की पाठशाला में छात्राओं को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने एक-एक छात्राओं से उनके पढ़ाए गए विषयों के बारे में जानकारी ली। मौके पर ही उनसे उनके पाठ्यक्रमों में हिंदी व अंग्रेजी के लेखकों का नाम भी पूछा। नहीं बता पाने पर उनका मार्गदर्शन करते हुए दोनों विषयों के प्रमुख लेखकों व कवियों की रचनाओं एवं उसका अर्थ भी समझाया। कहा कि छात्र जीवन में ही रामचरित मानस, गीता, कुरान, बाइबिल सभी प्रसिद्ध ग्रंथों को अवश्य पढ़ें। इससे आपके चरित्र एवं व्यक्तित्व में व्यापक बदलाव आएगा। गलत न करने के लिए आप प्रेरित होंगे। भारतीय संस्कृति बहुत मजबूत है, इसके प्रत्येक पक्ष को समझकर इसे जीवन में उतारने का प्रयास पूरे मन से करें। महिला थाने की प्रभारी एसओ सरोजिनी वर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में महिलाएं अधिक सशक्त हैं, लेकिन इसमें अभी और सुधार की जरूरत है। आपात स्थिति में हर महिला, छात्रा हेल्पलाइन नंबर 1090 का प्रयोग करें। सफलता के लिए कठिन परिश्रम जरूरी है। संचालन अनिल मिश्रा ने किया। इसके पूर्व विद्यालय के डायरेक्टर एलबी चौरसिया ने अतिथियों का स्वागत किया। इस दौरान प्रधानाचार्य धर्मेंद्र चौरसिया, भोला, प्रियंका मिश्रा, सुमन सिंह, रविंद्र कुमार, सुकन्या मिश्रा, सरिता यादव, प्रतिभा यादव, मनीष बरनवाल, चंदन मौर्या, ऐनम निशहत, शैलेष मणि, अनुराग तिवारी, निधि चौहान, मनि त्रिपाठी, लक्ष्मीनारायण पांडेय, निकेश चौहान, नवीन, सुमित चौरसिया, सिद्धार्थ गौतम, अजय, आशू, जगमोहन, अभिषेक, यश सागर, मनीष, रौनक आदि मौजूद रहे।
छात्राओं ने महिला एसओ से किए सवाल
10वीं की छात्रा समृद्धि चौहान ने महिला एसओ से पूछा कि नौकरी और परिवार एक साथ करते हुए कैसे सामंजस्य बनाती हैं। इस पर सरोजिनी वर्मा ने कहा कि थोड़ी मुश्किल अवश्य पेश आती है। पुलिस वाले अपने परिवार को समय कम दे पाते हैं। लेकिन काम को इंज्वाय से किया जाए तो यह आसान हो जाता है। छात्रा साक्षी पांडेय, शालिनी सिंह, पल्ल्वी शुक्ला ने भी अपने सवाल रखे। इस पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि छात्राओं को अपने अंदर से झिझक को समाप्त कर कक्षा में सवाल अवश्य पूछने चाहिए। शिक्षक की निगाह में भी वही छात्र होता है जो सवाल पूछता है। यह लीडरशिप भी सिखाता है। जिज्ञासा बनाए रखकर महत्वाकांक्षी और बहिर्मुखी बनें। अपने अधिकारों के साथ ही अपने फर्ज को भी जानें। महिलाएं जब सशक्त और जागरूक होंगी, तभी बेहतर समाज का निर्माण संभव है।