वायरल फीवर : पीआईसीयू में बेड बढ़ते हो गया फुल
देवरिया। संक्रमण के चलते वायरल फीवर का प्रकोप बढ़ गया है। इसकी चपेट में लोग आ रहे हैं। घर-घर लोग बीमार हैं। इससे अधिक प्रभावित बच्चे हो रहे हैं। अस्पताल में अचानक भीड़ बढ़ने से बेड बढ़ाने के साथ ही फुल हो गए हैं। पीआईसीयू के अधिकांश बेड पर दो-दो बच्चों का इलाज हो रहा है। बेड न मिलने से लोग परेशान हैं और निजी अस्पताल पहुंच रहे हैं, वहां भी मरीजों की भीड़ है। चिकित्सकों का कहना है कि मौसम बदलने के कारण लोग बीमार हो रहे हैं।
मौसम में परिवर्तन के कारण महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कालेज से संबद्ध जिला अस्पताल में वायरल फीवर के मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। इसमें बच्चों की संख्या अधिक है। सर्दी, खांसी, बुखार, उल्टी-दस्त, निमोनिया, झटका, सांस की बीमारी से पीड़ित बच्चों को लेकर तीमारदार पहुंच रहे हैं। बाल रोग विभाग के ओपीडी में दोगुनी से अधिक भीड़ हो गई है। प्रतिदिन औसतन करीब डेढ़ सौ बच्चे अस्पताल आ रहे हैं। इनमें गंभीर रूप से बीमार तकरीबन बीस बच्चों को भर्ती किया जा रहा है। कुछ लोग भीड़ और बेड खाली न होने के कारण प्राइवेट में जा रहे हैं। अस्पताल में अधिकांश दवा उपलब्ध है। कुछ दवा ही किसी-किसी को बाहर से लेनी पड़ रही है। मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण अस्पताल प्रशासन परेशान है। स्वास्थ्य कर्मियों को भी आराम नहीं मिल पा रहा है।
बच्चों के लिए बढ़ाया गया बीस बेड
देवरिया। जिला अस्पताल में इलाज के लिए बच्चों की भीड़ है। पंद्रह बेड का पीआईसीयू भरा पड़ा है। अधिकांश बेड पर दो-दो बच्चों का इलाज हो रहा है। इसे देखते हुए पीआईसीयू के सटे बीस बेड का वार्ड बनाया गया। वह भी फुल हो गया है, जबकि चिल्ड्रेन वार्ड भरा पड़ा है। अस्पताल में बच्चों के लिए कुल 55 बेड है, जबकि करीब सत्तर बच्चों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। बेड बढ़ने के बाद भी कम पड़ जा रहा है। एक बेड पर दो बच्चों के होने से परेशानी भी हो रह है, लेकिन तीमारदार बच्चों का इलाज कराने को मजबूर हैं।
ये बरतें सावधानी
- स्कूल में मॉस्क लगाकर रहें, हाथ धोते व सैनिटाइज करते रहें
- शीतल पेय पदार्थ, फ्रीज के पानी, आइसक्रीम, खुले में बिकने वाले सामानों का सेवन न करें
- परिवार में सर्दी, जुकाम से पीड़ित से बच्चों को दूर रखें
- साफ-सफाई रखें, बच्चों को धूप में निकलने तथा बारिश में भींगने न दें
- बच्चों को भीड़भाड़ वाले स्थानों पर न जाने दें, बाहर आकर तत्काल बच्चे को न लें
- बच्चों को पूरी बांह का कपड़ा पहनाएं, सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें
मौसम बदलने से वातावरण वायरस के अनुकूल हो जाता है और उसका प्रकोप बढ़ जाता है। साथ ही संक्रमण फैलता है। बच्चों की इम्युनिटी कम होने के कारण वे चपेट में आ जाते हैं और बीमार हो जाते हैं। इस समय वायरल फीबर से पीड़ित बच्चों की संख्या में इजाफा हुआ है। अस्पताल में ऐसे मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। बुखार होने पर लापरवाही ने बरतें, शीघ्र चिकित्सक के पास बच्चे को ले जाकर दिखाएं और इलाज कराएं। बच्चों को मॉस्क लगाएं तथा भीड़भाड़ वाले स्थानों पर न जाने दें। अस्पताल में दवा व संसाधन की कमी नहीं है। भीड़ को देखते हुए बीस बेड बढ़ाए गए हैं। मरीजों को बेहतर सुविधा देने का प्रयास किया जा रहा है। -डॉ. एचके मिश्रा,
चिकित्सा अधीक्षक व बाल रोग विशेषज्ञ