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Deoria News: बहन की शादी के सपने सजाए हमेशा के लिए सो गया मोनू

Sun, 25 May 2025 12:16 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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संवाद न्यूज एजेंसी
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भागलपुर। सेना के जवान समेत तीन लोगों की करंट लगने से मौत के बाद शनिवार को भागलपुर के सूरय तट पर श्मशान घाट पर तीन शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इससे पहले लार थाना क्षेत्र के जनुआ गांव जब तीनों की अर्थियां उठीं तो पूरा गांव रो पड़ा। तीनों शवों को एक साथ मुखाग्नि दी गई तो वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
सेना के जवान मोनू पांडेय, चचेरे भाई शिवम और पवन कुशवाहा की शुक्रवार को करंट लगने से मौत हो गई थी। शनिवार की दोपहर तीनों का शव भागलपुर कालीचरण श्मशान घाट पर लाया गया।
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मोनू पांडेय और शिवम पांडेय को एक ही चिता पर मुखाग्नि चचेरे भाई दीनदयाल पांडेय ने दी। वहीं पवन कुशवाहा को मुखाग्नि उसके पिता रामप्रवेश कुशवाहा ने दी।
तीनों चिंताएं एक साथ जलीं तो पुरा माहौल गमगीन हो गया। इस दौरान भारत माता की जय और मोनू पांडेय अमर रहें के नारे लगे।
इस दौरान पूर्व सांसद रविन्द्र कुशवाहा, जिला पंचायत अध्यक्ष गिरीशचंद्र तिवारी, सीओ सलेमपुर दीपक शुक्ला, इंस्पेक्टर लार उमेश वाजपेयी, मईल की थानाध्यक्ष कंचन राय, प्रमोद कुमार सिंह, हरेराम आर्य, अभय सिंह, राहुल सिंह, रंजना भारती ,मनोज लारी आदि मौजूद रहे।
करंट की चपेट में आने से सेना के जवान मोनू पांडेय की मौत की सूचना पर पहुंचे गोरखपुर से आर्मी के जवानों ने दरवाजे पर राष्ट्रीय ध्वज और पुष्प चक्र चढ़ाकर अंतिम विदाई दी।
इसके बाद भागलपुर के कालीचरण घाट पर गार्ड ऑफ ऑनर की सलामी दी। जिसके बाद अंतिम संस्कार हुआ।
मोनू की मौत की सूचना परिजनों ने उसके हेड ऑफिस को को दीथी।
हेड ऑफिस के अधिकारियों के निर्देश पर 166 मिलिट्री सतवारी कैंट हॉस्पिटल जम्मू में तैनात और छुट्टी घर आए सिवान के गुठनी थाना क्षेत्र के शिवचरण यादव मौके पर पहुंचे।
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उन्होंने परिजनों से एक-एक बिंदुओं पर हादसे की जानकारी लेकर अधिकारियों को अवगत कराया। इसके बाद गोरखपुर से सेना के जवान उसके घर पहुंचे। शव पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मोनू पांडेय ने सेना में 2019 में ज्वाइन किया था। नौ अगस्त 23 से 166 मिलिट्री हॉस्पिटल सतवारी कैंट जम्मू में तैनात था। घर पर चचेरी बहन की शादी में शरीक होने आठ मई को घर आया था।
रिश्तेदार मोनू पर शादी करने दबाव डाल रहे थे, मगर वह पहले छोटी बहन की शादी करना चाहता था। इसी बीच बहन का रिश्ता तय हो गया था।
25 मई को सगाई होने वाली थी। साथ ही मोनू की शादी के लिए भी रिश्तेदार आने वाले थे। इससे मोनू काफी खुश था।
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