आधारहीन मिलीं सभी आपत्तियां
21 आपत्तियों का निराकरण कर डीएम के पास पहुंची फाइल
कैबिनेट की मंजूरी है इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। नगर पालिका के सीमा विस्तार का रास्ता साफ हो गया है। कारण यह कि 21 आपत्तियां आधारहीन पाई गई हैं। नगर पालिका के जिम्मेदारों ने सभी आपत्तियों का निराकरण कर दिया है। इसकी रिपोर्ट नगर विकास मंत्रालय को भेजने की तैयार की जा रही है। इसके बाद कैबिनेट से सीमा विस्तार को मंजूरी मिलने का शहरवासियों को इंतजार रहेगा। विस्तारित क्षेत्र में तीस गांवों को शामिल किया जाना है।
नगर पालिका परिषद के सीमा विस्तार को हरी झंडी मिलने की पूरी संभावना है। क्योंकि नगर पालिका के जिम्मेदारों ने तीन के दिन भीतर सभी आपत्तियों का निराकरण कर जिलाधिकारी के पास हस्ताक्षर के लिए पत्रावली भेज दी है। डीएम की संस्तुति के बाद ऑनलाइन आपत्तियों की निराकरण आख्या पहले नगर विकास मंत्रालय के एप पर अपलोड। इसके बाद पत्रावली को विशेष वाहक के जरिए मंत्रालय को भेजा जाना है। मंगलवार तक पूरी प्रक्रिया पूरी हो जाने की उम्मीद जताई जा रही है। नगर पालिका के सूत्रों की बातों पर गौर किया जाए तो 21 आपत्तियों में कोई खास नहीं था। कुछ ऐसे लोगों ने आपत्ति की थी, जिसका निराकरण काफी पहले हो चुका है। कुछ के तर्क नियमानुसार नहीं थे। धनौती कला निवासी दिलीप प्रजापति, दुर्गेश कुमार सिंह, सतीराम यादव ने ग्राम सभा धनौती कला को नगर पालिका क्षेत्र में शामिल न करने के लिए आपत्ति की थी। निराकरण में पाया गया कि कोई ऐसा आधार आपत्ति करने वाले तीनों लोगों के पास नहीं था, जिसे आधार बनाया जा सके। आधारविहीन होने के कारण आपत्तियां निरस्त कर दी गई हैं। इसी तरह अंबी उर्फ जटमलपुर के अगल-बगल के गांव कुसुम्हा उर्फ बेलवा, पकड़ी खुर्द, रामपुर खुद, धनौती कला को सीमा विस्तार क्षेत्र में शामिल न किए जाने का आपत्तिकर्ता भी आधारहीन पाए गए। इसके कारण आपत्ति आधारहीन होने के कारण निरस्त कर दी गई है। निराकरण आख्या में ईओ नगर पालिका ने बताया है कि करीब 90 वर्ष से नगर पालिका परिषद का सीमा विस्तार नहीं किया गया है। पौ से 10 किमी की परिधि में विनियमित क्षेत्र दशकों से घोषित है। प्रस्तावित सीमा विस्तार वाले ग्राम सभाओं शहरीकरण एवं आम जनमानस के निवास का शहरीकरण तेजी से विकसित हो रहा है। सीमा विस्तार में शामिल गांवों गणमान्य लोगों से विचार-विमर्श करने के बाद ही प्रस्ताव बनाया गया है। जो भी आपत्तियां आई थीं, इसमें कोई ठोस आधार नहीं था कि सीमा विस्तार से उस क्षेत्र को पृथक किया जा सके। इसके कारण सभी आपत्तियों को निरस्त किया जा रहा है।
कोट-
सीमा विस्तार को लेकर आईं आपत्तियों की निराकरण आख्या तैयार कर ली गई है। जिलाधिकारी के पास पत्रावली भेजी गई है। अग्रसारित होने के बाद नगर विकास मंत्रालय को भेज दी जाएगी। कई ऐसी आपत्तियां थीं, जिसका पहले निराकरण हो चुका है।
-रोहित सिंह, ईओ