संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। बांस देवरिया स्थित सपा कार्यालय पर शुक्रवार को लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती मनाई गई। उनके चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यकर्ताओं ने बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। मौके पर सलेमपुर के सांसद रमाशंकर राजभर ने कहा कि देश मे एक ऐसा समय आया कि सत्ता में बैठे लोग स्वयं को सर्वशक्तिमान समझ लोकतंत्र का दमन करते हुए देश मे आपातकाल की घोषणा कर दिए, तब लोकनायक ने संपूर्ण क्रांति का अह्वान किया। उनका मानना था कि इसमें राजनैतिक, आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, बौद्धिक, शैक्षणिक व आध्यात्मिक क्रांति शामिल थीं। इन सातों क्रांतियों को मिलाकर संपूर्ण क्रांति होती है। इसकी तपिश इतनी भयानक थी कि केंद्र में कांग्रेस को सत्ता से हाथ धोना पड़ गया था। जय प्रकाश नारायण की हुंकार पर नौजवानों का जत्था सड़कों पर निकल पड़ता था। वह घर-घर में क्रांति का पर्याय बन चुके थे।
जिलाध्यक्ष व्यास यादव ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण स्वतंत्रता आंदोलन के एक महान सेनानी थे, जो गांधी, लोहिया व नेहरु के अत्यंत निकट रहकर देश की स्वतंत्रता के लिए अग्रणी भूमिका निभाए। देश के स्वतंत्रत होने के बाद भी वह व्यवस्था परिवर्तन के लिए संघर्ष करते रहे। उनका संपूर्ण जीवन शोषितों वंचितों के उत्थान में समर्पित रहा। इस दौरान उद्भव नारायण सिंह, विजय प्रताप यादव, कमलेश पांडेय, हृदय नारायण जायसवाल, वीरेंद्र लाल श्रीवास्तव, राजवंशी राजभर, विवेक सिंह पटेल, संतोष यादव, मुन्ना यादव, प्रज्ञानंद चौधरी, राजेश यादव, वीर बहादुर सिंह सैथवार, रमेश यादव, विजय चौहान, ओमप्रकाश यादव आदि मौजूद रहे।
संघर्ष के प्रतीक थे जेपी ः रामपुर कारखाना संवाद के अनुसार क्षेत्र के डुमरी स्थित सपा के जनसंपर्क कार्यालय पर जयप्रकाश नारायण की जयंती पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। सपा के पूर्व जिला प्रवक्ता चंद्रभूषण सिंह यादव ने कहा कि जेपी संघर्ष के प्रतीक थे। लोकतंत्र, संविधान और लोगों की स्वतंत्रता पर जब-जब तानाशाही प्रवृत्तियां प्रभावशाली होने की कोशिश करेंगी, तब तब जयप्रकाश नारायण जीवंत हो उठेंगे। इस दौरान महेंद्र भंते, डाॅ. प्रमोद कुमार यादव, मनिकराज यादव, मुस्तकीम, रामप्यारे यादव, श्याम सुंदर प्रसाद, रामअशीष चौहान, सुरेश नारायण आदि मौजूद रहे।