जमीन रजिस्ट्री के मामले में डीएम ने गठित की जांच टीम, लेखपालों में मची खलबली
देवरिया। सदर तहसील क्षेत्र के लेखपाल और कानूनगो का बड़ा खेल उजागर होने के बाद डीएम ने जांच बैठा दी है। जांच टीम में मुख्य राजस्व अधिकारी, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, एसडीएम बरहज को शामिल हैं। टीम को दस दिन के अंदर जांच रिपोर्ट देनी है। इसकी भनक लगने के बाद लेखपालों में खलबली मच गई है। प्रशासन इनकी गोपनीय ढंग से कुंडली तैयार करने में जुट गया है।
सूत्रों की मानें तो गोरखपुर रोड पर एसएसबीएल इंटर कॉलेज के ठीक सामने खाली जमीन है, जो लंबे समय से स्कूल के कब्जे में थी। लेखपालों की साठगांठ से कुछ लोगों ने उस जमीन का बैनामा करा लिया। बैनामे के बाद कब्जा लेने गए तो शहर के कई लेखपालों और एक कानूनगो ने मिलकर खेल कर दिया। पैमाइश के दौरान बैनामेदारों की जमीन कम कर दी गई। इससे मौके पर 33 फीट चौड़ी और 80 फीट लंबी जमीन बच गई। उसकी बाउंड्री कराकर किसी ने अपनी मां, तो किसी ने अपनी बहू के नाम करा रजिस्ट्री करा दी। दिलचस्प बात यह है कि सबने जमीन की चौहद्दी अलग-अलग दिखाई है। इसी बीच इस मामले में कमिश्नर से लोगों ने शिकायत कर दी। पूरे प्रकरण को अमर उजाला ने प्रकाशित किया है। उसका संज्ञान लेते हुए डीएम ने जांच बैठा दी है।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट की वजह से सहमे हैं लेखपाल
जांच अधिकारी कोई हो, लेखपालों की सेटिंग यूं ही हो जाती है। लेकिन तीन अधिकारियों की टीम में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गुंजन द्विवेदी (आईएएस) के शामिल होने से लेखपाल डर रहे हैं। उन्हें इस बात का भय है कि निष्पक्ष जांच में उनकी गर्दन फंस सकती है। नाम न छापने की शर्त पर एक लेखपाल ने बताया कि ज्वाइंट मजिस्ट्रेट किसी प्रलोभन में नहीं आने वाली हैं इसलिए कार्रवाई का भय सता रहा है।
मामला संज्ञान में आने के बाद तीन अधिकारियों की जांच टीम गठित की गई है। उसमें मुख्य राजस्व अधिकारी अमृतलाल बिंद, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गुंजन द्विवेदी, एसडीएम बरहज संजीव यादव को शामिल कर दस दिन के अंदर जांच रिपोर्ट मांगी गई है। -आशुतोष निरंजन, डीएम