पैरवी में पहुंचे जिला पंचायत सदस्य से भिड़े एसओ, थाने आने से किया मना
खुखुंदू। विवादित भूमि के मामले में मंगलवार को जिला पंचायत सदस्य संदेश यादव थाने पहुंचे। पुलिस की मिलीभगत से निर्माण कराने का आरोप लगाया। इसके बाद एसओ जिला पंचायत सदस्य पर बिफर पड़े। हालांकि जिला पंचायत सदस्य भी पीछे नहीं हटे। दोनों तरफ से जमकर तू-तू मैं-मैं हुई। काफी देर तक चली नोकझोंक के बाद एसओ ने समाधान दिवस पर प्रकरण को रखने के लिए कहा। इस दौरान थाने में फरियादियों सहित अन्य पुलिसकर्मी जुट गए।
स्थानीय कस्बे में एक दुकान के सामने गांव के कुछ लोगों ने अपनी दुकान होने का दावा करते हुए कचड़ा गिराकर भैंस बांधते हैं। इसके बाद मामला थाने तक पहुंचा। कचड़ा गिराकर भैंस बांधने वाले पक्ष का आरोप था कि उनकी जमीन में कस्बे का एक व्यवसायी निर्माण करा रहे हैं। उधर, इसी मामले में दूसरे पक्ष से जिला पंचायत सदस्य संदेश यादव थाने पहुंच गए। उन्होंने एसओ से कहा कि विवादित भूमि पर निर्माण कैसे हो रहा है। इसका मुकदमा न्यायालय में भी चल रहा है। इसका मतलब मैं समझूं कि यह आपकी मिलीभगत से हो रहा है। यह बात सुनकर एसओ अनिल यादव नाराज हो गए। इसके बाद दोनों के बीच तीखी नोकझोंक होने लगी। सूत्रों की मानें तो एसओ और जिला पंचायत सदस्य के बीच काफी देर तक नोकझोंक और झड़प हुई। इसके बाद एसओ ने यहां तक कह दिया कि इसके बाद अनावश्यक पैरवी करने थाने मत आइएगा। इस पर जिला पंचायत सदस्य ने भी उनसे दो टूक कहा कि मैं जनप्रतिनिधि हूं। क्षेत्र की समस्या होगी तो थाने जरूर आऊंगा।
सलेमपुर के पूर्व विधायक आनंद यादव के पुत्र जिला पंचायत सदस्य संदेश यादव उर्फ मिस्टर यादव ने कहा कि पुलिस के मना करने के बाद भी विवादित भूमि पर अगर निर्माण कार्य हुआ तो उसे पुलिस की संलिप्तता ही मानी जाएगी। इसी बात पर नोकझोंक हुई है। जबकि न्यायालय में मुकदमा भी चल रहा है।
एसओ अनिल कुमार यादव ने कहा कि जिला पंचायत सदस्य कस्बे के प्रकरण में पैरवी के लिए आए थे। उनके द्वारा मेरे मौजदूगी में दूसरे पक्ष को डाटा फटकारा जा रहा था। इसपर मैंने मना किया कि मेरे सामने किसी को मत डांटे। पुलिस पर अनावश्यक आरोप लगा रहे थे। इसी को लेकर थोड़ा मामला गरम हो गया। दोनों पक्षों को समाधान दिवस पर बुलाया गया है।