संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। गर्म और धूल भरी हवा से सांस के मरीजों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। श्वास नली में सूजन और फेफड़े में संक्रमण से अस्थमा और सांस के मरीजों को समस्या हो रही है। इससे अस्थमा, एलर्जी से पीड़ित मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है।
मेडिकल कॉलेज में रोज सौ से अधिक मरीज आ रहे हैं। ब्रोंकाइटिस निमोनिया के मरीज भी आ रहे हैं। डॉक्टर दवा के साथ सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
अप्रैल माह के शुरू से ही लोग गर्मी से परेशान हैं। तापमान बढ़ने और हवा चलने की वजह से अस्थमा, एलर्जी से पीड़ित लोगों की दिक्कत बढ़ने लगी है। दिन में गर्म हवा चल रही और धूल उड़ रहे हैं। वहीं फसल की कटाई का समय होने से गर्दा वातावरण में फैल रहा है। इसके नाक व काल के रास्ते अंदर जाने से सांस की नली में सूजन हो जा रहा है और नली सकरी हो जाती है। इससे सांस, अस्थमा से पीड़ित लोगों को परेशानी हो रही है।
वहीं एलर्जी से पीड़ित को नाक से पानी, आंख में खुजली आदि की समस्या हो रही है। जबकि पानी की कमी से भी दिक्कत हो रही है। इस तरह के मरीजों की संख्या बढ़ी है। सांस फूलने से पीड़ितों को लेकर तीमारदार अस्पताल पहुंच रहे हैं।
टीबी के मरीजों को भी समस्या हो रही है। इन दिनों मेडिकल कॉलेज के चेस्ट, सांस व टीबी रोग विभाग की ओपीडी में भीड़ बढ़ गई है। डॉ. अनुराग शुक्ला, डॉ. सुमित चौधरी ने शुक्रवार को करीब 150 से अधिक मरीजों का इलाज किया। इसमें 100 से अधिक अस्थमा और एलर्जी के मरीज रहे। इसके अलावा निमोनिया, टीबी व अन्य मरीज थे।