देवरिया/खुखुंदू। थाना क्षेत्र के खजुरी करौंता गांव निवासिनी लालती देवी 50 वर्ष पत्नी अक्षयबर गिरी शुगर की मरीज थीं। 27 फरवरी को तबीयत खराब होने पर परिजनों ने एक व्यक्ति के कहने पर गोरखपुर मार्ग स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जिनकी दो मार्च की रात इलाज के दौरान मौत हो गई। सोमवार को अस्पताल कर्मियों ने बकाया पैसे के भुगतान को लेकर शव देने से इंकार कर दिया। जिससे नाराज परिजनों और मृतका के गांव वालों ने जमकर बवाल काटा। जानकारी होने पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने हस्तक्षेप कर परिजनों को शव दिलाते हुए, मामले का निस्तारण कराया।
मृतका लालती देवी के बेटे का कहना है कि 27 फरवरी को अपनी मां का इलाज कराने महर्षि देवराहा बाबा मेडिकल कालेज गया था। जहां एक अनजान व्यक्ति ने सलाह देते हुए गोरखपुर मार्ग स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। मृतका के परिवार वालों ने इलाज के लिए 80,000 रुपये अस्पताल में जमा कर दिया। एक मार्च को अस्पताल प्रशासन की ओर से पुनः पैसों की मांग किया गया। मृतका के बेटे ने 30,000 रुपये और जमा कर दिया।
जहां दो मार्च की देर रात लालती देवी की मृत्यु हो गई। मृतका परिजनों शव देने की मांग किए जाने पर अस्पताल की ओर से बकाया 60,000 रुपये की मांग किया जाने लगा। इंस्पेक्टर दिलीप सिंह का कहना है कि महिला का शव न देने की सूचना मिलने पर पुलिस गई थी। मामला समाप्त करा दिया गया है।