संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिले में स्टंटबाजी के साथ रील बनाने का चस्का भारी पड़ने लगा है। जब भी कोई बड़ा हादसा होता है, तब पुलिस ऐसे लोगों के खिलाफ अभियान भी चलाती है। अभियान की रफ्तार धीमी होते ही ये शुरू हो जाते हैं।
हनुमान मंदिर पोखरा हो या पुलिस लाइंस, हर जगह रील बनाने वाले नजर आ जाते हैं। गौरीबाजार, तरकुलवा, सलेमपुर आदि इलाकों में भी रील और स्टंटबाजों से आम आदमी परेशान है। कुछ ऐसा ही शुक्रवार की सुबह हुआ। रील बनाने के चक्कर में एक महिला सहित तीन लोगों की जान चली गई।
जानकारी के अनुसार, नगर पालिका वार्ड नंबर 9 पिड़रा निवासी किशन चौहान (19) भूपेंद्र चौहान शुक्रवार की सुबह दोस्त अनूप और राज के साथ शहर के एक डॉक्टर के यहां रिश्तेदार के इलाज के लिए पर्ची लगाने आए था। पर्ची लगाने के बाद तीनों घर जाते समय बाइक पर स्टंट करने लगे। लोगों के अनुसार, ओवरब्रिज से उतरते वक्त उनकी बाइक की रफ्तार 90-100 किमी प्रति घंटे रही होगी।
उसी रफ्तार में वे बाइक पर अपनी फोटो व वीडियो भी बना रहे थे। सड़क पर सामने की तरफ तीनों का ध्यान नहीं था। इसी बीच उनकी बाइक बेकाबू होकर सड़क पार कर रही कसया रोड की रहने वाली मुन्नी देवी से टकरा गई। तेज रफ्तार में बेकाबू बाइक सामने से आ रहे ट्रक में जा भिड़ी।
उधर, एक निजी विद्यालय के प्रिंसिपल बीके शुक्ला बताते हैं कि शहर में आजकल स्टंटबाजों ने राह चलना मुश्किल कर दिया है। सोशल मीडिया पर कई ऐसी तस्वीरें भी वायरल हो चुकी हैं। शाम हो या दोपहर, हर वक्त यह डर रहता है कि कहीं कोई ऐसी-वैसी हरकत न कर दे।
डॉ. धर्मेंद्र पांडेय, सभासद अशोक गुप्ता, बंटी सिंह, हरिश्चंद्र प्रसाद आदि का कहना है कि यह समस्या सिर्फ कानून-व्यवस्था का नहीं, बल्कि सामाजिक भी है। हमें भी अपने बच्चों की गतिविधियों पर नियंत्रण रखना चाहिए। इस बात पर ध्यान देना होगा कि युवा ऐसे क्षणिक सुख के लिए जिस तरीके से अपनी जान गंवा रहे हैं, उसका दंश पूरा परिवार जीवन भर भुगतता है।