हाई फ्लड लेवल की ओर बढ़ रही गोर्रा नदी, भेड़ी गांव पर मंडराया खतरा
एकौना। गोर्रा और राप्ती नदियां खतरे निशान को पार करने के बाद तेजी से हाई फ्लड लेवल की ओर बढ़ रही हैं। नदियों का जलस्तर बढ़ने से बंधों पर दबाव बढ़ता जा रहा है। राप्ती और गोर्रा नदी पर बने तटबंधों तक पानी आ जाने से बांध सलसलाने लगे हैं।
राप्ती नदी के तट पर बसा भेड़ी गांव के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है। यहां ठोकर दरकने से बांध धसने लगा है। तटवर्ती क्षेत्र में बसे करीब एक हजार मकानों में रहने वाले रातभर जाग रहे हैं। उन पर बांध कटने पर बाढ़ के भयावह मंजर का खतरा बना है। बड़ी नदियों का जलस्तर लाल निशान पार करने के बाद छोटी नदियां बांगर क्षेत्र में कोहराम मचाने लगी हैं। कुर्ना, बथुआ और मझने नदी के उफनाने से करीब दो हजार एकड़ कृषि योग्य भूभाग जलमग्न हो गया है। भेड़ी गांव पर कटान का खतरा मंडराने से गांव वाले बांध बचाने को बंधे की निगरानी कर रहे हैं। गांव की लाची देवी ने कहा कि भेड़ी गांव के पास ठोकर खतरनाक ढंग से दरक रहा है। यहां बांध कटा तो दोआबा के 52 गांवो में कोहराम मचना तय है। बोल्डर पिचिंग के दौरान सिंचाई विभाग ने लापरवाही की है। बांध पर अलग से मिट्टी नहीं गिराने से कटान हो रहा है। बांध पर खतरा मड़राने से गांव के एक हजार परिवार दहशत में हैं। अनिता देवी ने कहा कि यदि बांध कटा तो जनधन की भारी क्षति होने की संभावना है। राप्ती नदी का दबाव हर घंटे बढ़ रहा है। नदी बांध के किनारे ही ठोकर मार रही है। नदीं की मुख्यधारा के बांध पर टकराने से खतरा पल पल बढ़ रहा है। नदीं रोज करीब 50 सेमी ऊपर जा रही है। कटान रोकने के लिए सिंचाई विभाग कोई उपाय नहीं कर रहा है। इस बाबत एसडीओ दीनदयाल दूबे ने कहा कि कटान स्थलों पर बचाव कार्य हो रहा है। अभी तक स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
हाई फ्लड लेवल 72.50 मीटर
डेंजर लेवल 70.50 मीटर
राप्ती 70.80 मीटर
गोर्रा 71.10 मीटर