प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते किसान। संवाद
बरियारपुर। देवरिया बाईपास से प्रभावित किसानों की बैठक महुआनी चौराहा स्थित एक निजी विद्यालय में हुई। इसमें किसानों ने शासन, प्रशासन के प्रति रोष व्यक्त किया। भूमि बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक अजीत त्रिपाठी ने कहा कि भूमि अधिग्रहण के लिए जारी एवार्ड पूरी तरह कानून की अनदेखी कर बनाया गया है। जिसका मकसद केवल किसानों के हक को लूटना है। उन्होंने कहा कि भूमि संरक्षण अधिकारी ने एवार्ड संबंधी आदेश में समतल व गड्ढे की भूमि का एक ही पैमाना तय किया है। यह अनुचित है। किसान सड़क से लेकर न्यायालय तक लड़ाई लड़ेंगे।
आठ गांव के एवार्ड को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। जिसमें न्यायालय ने सक्षम प्राधिकारी से जवाब मांगा है। अन्य किसानों ने भी रिट दाखिल करने की तैयारी की। होली के बाद 23 गांव के एवार्ड को हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी। साथ ही जो किसान पेपर जमा कर चुके हैं और उनके मुआवजे में 67 प्रतिशत की कटौती की गई है वह भी कानून की शरण लेंगे।
उन्होंने कहा कि किसानों ने संकल्प लिया है कि चाहे पेपर जमा वाले किसान हों या मुकदमा कर चुके किसान सब मिलकर अधिग्रहण के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। आगे जल्द एक और बैठक करके किसान आंदोलन को गति देंगे एवं कानूनी लड़ाई भी तेज करेंगे। अध्यक्षता देवरिया मीर के पूर्व प्रधान अजय सिंह ने की। बैठक को समिति के वरिष्ठ नेता सुग्रीव मिश्र ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर संजय सिंह, राजनाथ यादव, उमा शंकर सिंह, अवनीश प्रजापति, शिवाजी चौहान, राजन चौहान, हरिलाल यादव, नूर आलम खां, सुधीर चौहान, रामअधार प्रसाद, राजन कुमार सहित बड़ी संख्या में किसान माैजूद रहे। अंत में किसानों ने प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी की और आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया।