खुखुंदू। निस्वार्थ प्रेम से ही भक्ति प्राप्त होती है। भगवान शिव की कथा सुनाते हुए पहले सबको प्रणाम करते हैं। कहने का तात्पर्य यह है कि उनके अंदर झुकने का गुण विराजमान है। ऐसे में जब मानव भी झुकता है, तभी उसे भगवान की भक्ति प्राप्त होती है।
यह बातें मठिया खुखुंदू के शिव मंदिर परिसर में महाशिवरात्रि पर बुधवार को आयोजित मानस सम्मेलन में कवियित्री शशिप्रभा ने कही। वह शिवाजी इंटर कॉलेज खुखुंदू की ओर से स्वतंत्रता सेनानी एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री रहे स्व.विश्वनाथ राय की स्मृति में आयोजित मानस सम्मेलन में कथा का रसपान करा रही थीं। कथा व्यास स्वामी रूप नारायणाचार्य ने राधाकृष्ण के प्रेम-प्रसंग की कथा सुनाते हुए श्रोताओं को बताया कि प्रेम के बिना भक्ति अधूरी है। भगवान से प्रेम के दौरान श्रद्धा, भक्ति और विश्वास तीनों का होना बहुत जरूरी है। इसके पूर्व प्रथम सत्र में प्रबंधक अजय शर्मा और शिवाजी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य आलोक राय ने दीप प्रज्ज्वलित कर मानस सम्मेलन की शुरुआत कराई। सायंकाल दिलीप राय, सुधीर श्रीवास्तव ने दीप प्रज्ज्वलित कर मानस सम्मेलन की शुरुआत कराई। इस दौरान जयप्रकाश , डाॅ. दिनेश गुप्ता, सुरेश तिवारी, विनोद कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।