शुक्रवार को प्रेम और उसके साथियों के घर धारा-67 के तहत नोटिस चस्पा किया गया। मामले की सुनवाई के लिए शनिवार को तहसील कोर्ट में तारीख पड़ी। सोमवार को एक बार फिर से नापी शुरू हुई और सरकारी जमीन को चिह्नित किया गया है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, मामला संवेदनशील होने के कारण सभी कागजी प्रक्रियाएं पूरी करने में समय लग रहा है। यही नहीं राजनीतिक दलों की भी निगाह बुलडोजर की कार्रवाई पर है। इस कारण भी अधिकारी सावधानी से काम कर रहे हैं।
दूसरी तरफ, सभी घरों में महिलाओं और बच्चों के होने के कारण भी उन्हें नियमानुसार हटाने की तैयारी की जा रही है। मौके पर कोई बवाल न हो, इसके लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर खाका तैयार किया जा रहा है।
इतना ही नहीं, अवैध कब्जे पर बुलडोजर किस समय चलाया जाए, ताकि भीड़ न हो, इस संबंध में समय के निर्धारण की योजना बनाई जा रही है। इतना जरूर है कि मामले में आरोपियों के कब्जे का मामला शासन स्तर पर पहुंच चुका है। इसे निस्तारित करना मजबूरी है।
बुधवार को आपत्ति के निस्तारण का आदेश कर दिया जाएगा। इसके बाद सरकारी भूमि पर कब्जा करने वालों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी। सभी को भूमि से बेदखल किया जाएगा। -अरुण कुमार यादव, तहसीलदार, रुद्रपुर
बता दें कि देवरिया जिले में रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र के फतेहपुर गांव में 2 अक्तूबर को सुबह छह बजे जमीन के विवाद में एक पूर्व जिला पंचायत सदस्य की धारदार हथियार से काटकर हत्या कर दी गई। इससे गुस्साएं पूर्व जिला पंचायत सदस्य के पक्ष के लोग दूसरे पक्ष के घर में घुसकर पति, पत्नी और उसकी तीन संतानों को गोली मारकर और धारदार हथियार से प्रहार कर हत्या कर दी, जबकि एक बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया।