विनोद पर इनाम घोषित होने के बाद घर पर नहीं रहते थे ससुराल वाले
माफिया विनोद उपाध्याय की ससुराल बरपार इजरही गांव में है। शादी के बाद उसका इकलौता साला भी माफिया के साथ जुड़ गया। सूत्रों की माने तो वह लखनऊ और गोरखपुर में रहता था। पुलिस ने जब माफिया पर इनाम घोषित किया तो ससुर, सास, साला और माफिया की पत्नी घर छोड़कर फरार हो गए। कई बार एसटीएफ विनोद की तलाश में उसकी ससुराल आती थी और पड़ोसियों से जानकारी लेकर चली जाती थी। लोगों के अनुसार, माफिया का ससुराल में कभी-कभार ही आना होता था। वह रुकता नहीं था। रात में ही चला जाता था।
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करीबियों के नाम से कराता था जमीन का अनुबंध
माफिया विनोद उपाध्याय की देवरिया में अपनी टीम थी। करीब पांच साल पहले वह देवरिया के बजाजी रोड में एक मकान पर कब्जा दिलाने के आया था। उसमे पथराव भी हुआ था, पुलिस तक मामला पहुंचने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। विनोद उपाध्याय शहर के अधिकांश लोगों के संपर्क में रहता था। उसके माध्यम से लोग जमीन के कारोबार में 50 करोड़ से अधिक रुपये लगाए हैं।
खास बात यह है कि वह जमीन का अनुबंध अपने करीबियों के नाम से कराता था। विवादित जमीन खरीदकर कब्जा करना उसका पेशा था। हनुमान मंदिर के पास का एक जमीन करोबारी माफिया का करीबी बताया जा रहा है। माफिया के एनकाउंटर के बाद संपर्क में रहने वालों का मोबाइल स्विच ऑफ हो गया है। उन्हें पुलिस की ओर से की जा रही गोपनीय जांच का भय सता रहा है।
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सूत्रों के अनुसार, माफिया के नाम पर ही उसके नेटवर्क से जुड़े युवकों की भीड़ जुट जाती थी और वह दबंगई करता था। जिले के कई विभागों में अपने लोगों को ठेका पट्टा भी दिलवाता था। दूसरा कोई टेंडर डालता था तो फाेन कर उसे धमकाता था।
देवरिया सीओ सिटी जय कुमार रेड्डी ने कहा कि माफिया पर दर्ज मुकदमे में जिले के कुछ लोग जमानतदार बने हैं। माफिया से संपर्क में रहने वाले जिले के लोगों की गतिविधियों पर पुलिस की नजर है। उसका देवरिया आना-जाना था। उससे जुड़े कई अपराधियों का रिकार्ड खंगाला जा रहा है।