टेंडर देने में गड़बड़ी समेत भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे देवरिया के मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ राजेश झा से पूछताछ शुरू हो गई। बुधवार को लखनऊ निदेशालय की चार सदस्यीय टीम ने दो घंटे तक सीएमओ से पूछताछ की।
वहीं, टेंडर से जुड़ी फाइलों की तलाश दिनभर चलती रही। हालांकि, टेंडर और उपकरणों की खरीदारी, भुगतान की जानकारी नहीं मिलने पर टीम कई दस्तावेज लेकर लौट गई। इस दौरान सीएमओ भी दफ्तर में कई फाइलों को तलाशते दिखे।
रामपुर कारखाना के विधायक सुरेंद्र चौरसिया ने सीएमओ डॉ राजेश झा पर चहेते को टेंडर देने, सेनेटरी नैपकीन खरीद में गड़बड़ी करने जैसे 10 आरोप लगाते हुए शासन में शिकायत की थी। इस पर जांच के लिए बुधवार को सुबह 10 बजे चिकित्सा परिवार कल्याण निदेशालय लखनऊ से जेडी के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम सीएमओ कार्यालय पहुंची।
सीएमओ से करीब दो घंटे तक पूछताछ की गई। इस दौरान पटल देखने वाले बाबू को भी फाइल लेकर बारी-बारी से बुलाया गया। फाइल देखने के बाद टीम कार्यालय में पहुंची। जांच के बाद टीम सीएमओ और एनएचएम पटल देखने वाले बाबू, एसीएमओ के जवाब से संतुष्ट नहीं दिखी।