आधी रात को स्टीमर से बांध काटने पहुंचे बंधकटवा, गांव वालों ने हवाई फायरिंग कर खदेड़ा
रुद्रपुर। राप्ती और गोर्रा नदियों का जलस्तर हाई फ्लड लेवल के करीब पहुंचने के बाद सीमावर्ती जिले के लोगों के बांध काटने का खतरा बना है। शुक्रवार की रात तिघरा मराछी बांध पर गांव वालों और बंधकटवा में मुठभेड़ की खबर है। राप्ती नदी में स्टीमर लेकर बांध काटने आ रहे लोगों को गांव वालों ने हवाई फायरिंग कर भागने पर मजबूर कर दिया।
रुद्रपुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में दोनों नदियों के खतरे के निशान से काफी ऊपर जाने के बाद दोआबा के 52 और कछार के 64 गांवों के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। शनिवार को भी नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी देखी गई। पिड़रा स्थित गोर्रा नदी का जलस्तर 72.10 मीटर पर पहुंच गया है। गोर्रा वर्ष 1998 के रिकॉर्ड से सिर्फ पांच सेमी नीचे है, वहीं राप्ती नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। राप्ती नदी भी 72.15 मीटर पर पहुंच गई है। बांध पर ठोकर मार रही नदियां 98 की विनाशलीला को दोहराने के लिए बेताब है। ऐसे में गांव वाले रात में लाठी, डंडा और बंदूक लेकर पहरा दे रहे है। उन्हे भय है कि सीमावर्ती जिले के गांव के लोग रात के अंधेरे में बांध काट सकते है। शुक्रवार की रात करीब दो बजे तिघरा मराछी बांध पर तिघरा गांव के पास अंधेरे में बांध की तरफ एक स्टीमर बढ़ता हुआ दिखा। गांव वालों के स्टीमर पर कुछ लोग कुदाल लेकर बैठे थे। गांव वालों ने नदी के तरफ से आ रहे लोगों को ललकार कर हवाई फायरिंग शुरू कर दी। स्टीमर सवार लोग बंधे पर गांव वालों का शोर और हवाई फायरिंग सुन कर भाग गए। इस बाबत एकौना थानाध्यक्ष श्यामलाल निषाद ने कहा कि सीमावर्ती इलाके में बंधे पर पुलिस लगातार गश्त कर रही है। बांध काटने वालों के खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई की जाएगी।