संवाद न्यूज एजेंसी
बखरा/ गौरीबाजार। आधी आबादी आगे बढ़ने के जज्बे, जोश और जुनून के साथ सतत मंजिल की ओर अग्रसर है। संवैधानिक अधिकार मिलने के बाद बाद भी बेटा-बेटी में कुछ लोगों को फर्क दिखता है। अपने-अपने घरों से इस अंतर को मिटाना होगा। यह कहना है डीएम आशुतोष निरंजन का।
शुक्रवार को क्षेत्र के एसबीटी पब्लिक स्कूल बिशुनपुरा बखरा गौरी बाजार में अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान और मिशन शक्ति के तहत आयोजित संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि महिलाओं का शोषण सर्वप्रथम घर से ही शुरू होता है। यहीं किसी भी प्रकार की गई हरकत को छुपाने की बजाय मुखर होकर विरोध करना चाहिए। जिससे होने वाले अपराध को प्रारंभ में ही टाला जा सके। बच्चियों की नैसर्गिक ऊर्जा को आगे बढ़ाने की जरूरत है। उनको चुनने का अवसर मिलना चाहिए।
अध्यक्षता कर रहे पुलिस अधीक्षक डॉ. श्रीपति मिश्र ने कहा कि मुख्यमंत्री ने नारी सुरक्षा ,सम्मान, स्वावलंबन को प्राथमिकता दी। आज एंटी रोमियो अभियान के बाद प्रदेश में बच्चियों के अंदर सुरक्षा की भावना बढ़ी है। अब वे स्कूल, कॉलेज निर्भीक होकर जा रही हैं। नारी शक्ति हर ओर सफलता की वह इबारत लिख रही, जिसके आगे समूचा विश्व नतमस्तक है। घर को स्वर्ग बनाने में महिलाओं की अहम भूमिका है।
रेडक्रास सोसाइटी के अखिलेंद्र शाही ने कहा कि जहां नारी का सम्मान है वहीं देश व समाज खुशहाल है। इसके पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ डीएम व एसपी ने दीप जलाकर किया। विद्यालय के चेयरमैन एमएन त्रिपाठी ने अतिथियों को स्मृति चिह्न व शॉल भेंट कर सम्मानित किया। समारोह को एसीसीआई के अध्यक्ष लवलेश कुमार, एसडीएम रुद्रपुर, सीओ अंबिका प्रसाद, प्रभारी निरीक्षक अनिल पांडेय आदि ने संबोधित किया। संचालन शाहीन प्रवीन ने किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों को सराहा
संगोष्ठी में विद्यालय की छात्राओं की प्रस्तुति को लोगों ने जमकर सराहना की। एक पिता द्वारा शराब की लत के कारण बेटी को न पढ़ाने और एक डॉक्टर के रूप में बेटी द्वारा बीमार पिता के इलाज करने की प्रस्तुति ने जहां सामाजिक संदेश दिया तो वहीं ओ रे चिरैया...की प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया। शक्ति रूपेण देवी दुर्गा काली की प्रस्तुति ने महिलाओं में उत्साह भर दिया। वंदे मातरम् पर गीत की प्रस्तुतियों की भी सरहना हुई।
बेटियां होने पर भी गवाएंगे सोहर
कार्यक्रम में महिलाओं से पुत्र-पुत्री में अंतर क्यों? सवाल कर एसपी ने कहा कि यदि बेटा होने पर सोहर गाया जाता है, उत्सव मनाया जाता है तो बेटी होने पर क्यों नहीं मनाते? उन्होंने उपस्थित महिलाओं को हाथ उठाकर संकल्प दिलवाया कि पुत्री के जन्म पर भी सोहर गवाएंगे और उत्सव मनाएंगे।
इन्हें मिला सम्मान
कार्यक्रम में बेहतर कार्य करने वाली महिलाओं व लोगों को भी सम्मानित किया गया। इसमें रेडक्रॉस सोसाइटी के 46 बार रक्तदान करने वाले उपेंद्र यादव, लावारिस शवों का अंतिम संस्कार करने वाले संजय पाठक, अनिल तिवारी, सुमित मिश्रा, ऋषिकांत एवं सरिता पासवान,देवव्रत पांडेय,दीपक पाल शामिल हैं। वहीं महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करने वाली महिला आरक्षियों में अंकिता तिवारी, अंशु सिंह ,पूनम यादव, दिव्या सिंह, प्रियंका चौधरी, चंदा चौहान, नेहा पांडेय, अर्चना यादव आदि को सम्मानित किया गया। इसी क्रम में एसबीटी विद्यालय में टॉपर रहीं छात्रा तान्या सिंह, शगुन मौर्या, खुशी सिंह, एनसीसी कैडेट्स व सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बेहतर प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को डीएम, एसपी और विद्यालय के चेयरमैन एमएन त्रिपाठी द्वारा पुरस्कृत किया गया।
रेडक्रॉस की तरफ से दी गई किट
एसबीटी स्कूल की चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों एवं अन्य लोगों को भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी के तरफ से हाईजिन किट देकर सम्मानित किया गया।