भागलपुर। बलिया देवरिया को जोड़ने वाले फोरलेन पुल के लिए मिट्टी जांच पूरा होने के बाद कार्य जल्द शुरू होगा। 300 करोड़ से बनने वाले वाले पुल का प्रस्ताव तैयार कर भेजा जा रहा है। सरयू नदी पर टू लेन के दो पुल बनेंगे, जिससे भारी वाहनों के साथ उत्तर भारत से मध्य भारत की यात्रा सुलभ होगी। पुराना पुल जर्जर हो चुका है और स्थाई रूप से भारी वाहनों के लिए दो साल से बंद है।
नेपाल, बिहार, सहित पूर्वी भारत से मध्य भारत को जोड़ने वाले भागलपुर सरयू नदी पर फोर लेन पुल के लिए एनएचएआई ने पुल के लिए बनने वाले खंभाें के नीचे की मिट्टी जांचने के बाद प्रोजेक्ट तैयार कर प्रस्ताव भेजने की तैयारी कर रहा है। जिससे पुल का निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू कराया जा सके।
पुराने पुल की स्थिति दयनीय होने के कारण सेतु निगम ने नवंबर 2023 में आठ फिट ऊंचा हाइट गेट बैरियर लगाकर भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी गई थी, जिससे आने जाने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। व्यापार, रोजगार, शादी ब्याह के यात्री सभी पर इसका असर पड़ रहा है। कुछ युवा जो कस्बे में दुकान चलाते थे, दुकान बंद कर रोजगार के लिए शहरों में चले गए। तमकुहीराज से सिकंदरपुर तक बनने वाले फोरलेन के लिए सरयू नदी पर पुराने पुल के सटे पश्चिम दिशा में पुल का निर्माण होगा। एनएचएआई ने सर्वे कर शासन को भेजा था। शासन से मंजूरी मिलने के बाद प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। जल्द पुल का निर्माण का शुरू करने की तैयारी है। डबल लेन पुल बनाने के लिए प्रक्रिया तेज होने से लोगों में खुशी है।
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मिट्टी जांच के बाद तैयार होता है प्रस्ताव
नदी पर पुल बनाने से पहले विभाग मिट्टी की जांच करता है ताकि यह सुनिश्चित हो सकेगी कि पुल का आधार मजबूत और टिकाऊ हो। मिट्टी जांच के बाद विभाग पुल बनाने का प्रस्ताव तैयार करता है। प्रस्ताव में मिट्टी जांच के परिणामों के आधार पर विभाग पुल निर्माण का प्रस्ताव तैयार करता है, प्रस्ताव में पुल की डिजाइन, निर्माण की योजना और लागत का अनुमान शामिल होता है। तैयार किये प्रस्ताव को संबंधित विभाग को भेजा जाता है।
कोट
बलिया और देवरिया को जोड़ने के लिए भागलपुर में पुल का निर्माण होना है। लेकिन अभी बलिया में महज 34 प्रतिशत कार्य शुरू हुआ है। जबकि देवरिया में 14 किलोमीटर में मात्र पांच किलोमीटर की पजेशन मिल पाई है। दोनों जिलों में 40 प्रतिशत कार्य पूरा होने के बाद ही भागलपुर पुल का निर्माण शुरू किया जाएगा। इसके लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है।
मनीष चौहान, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई