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इलाज में बाहरी व्यक्ति की दखलंदाजी पर होगी कार्रवाई : डीएम

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इलाज में बाहरी व्यक्ति की दखलंदाजी पर होगी कार्रवाई : डीएम
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देवरिया। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में इलाज व स्वास्थ्य सुविधाओं की हकीकत जानने के लिए जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने बुधवार को सुबह नौ बजे अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। डीएम ने कहा कि अस्पताल में इलाज में अनाधिकृत व्यक्ति की दखलंदाजी मिलने पर अस्पताल प्रशासन की सहमति समझी जाएगी और जिम्मेदार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने मरीजों के इलाज की व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने तथा चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ, वार्ड-ब्वाय की भी शिफ्टवार तैनाती का रोस्टर निर्धारित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी अस्पताल परिसर में पहुंचने के बाद सीधे इमरजेंसी वार्ड में पहुंचे। वहां एक-एक बिंदुओं की गहनता से पड़ताल की। मरीजों की पंजिका में मोबाइल नंबर भी अंकित कराए जाने के निर्देश दिए। कहा कि तैनात सभी स्वास्थ्यकर्मी व चिकित्सकों को प्रॉपर ड्रेस व नेम प्लेट में होना चाहिए, जिससे कि लोग उन्हें पहचान सकें। स्वास्थ्य कर्मी समय से ड्यूटी पर उपस्थित रहें और मरीजों का इलाज बेहतर तरीके से करें।
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उन्होंने कहा कि इमरजेंसी वार्ड में भी उपस्थित पंजिका रखी जाए, जिस पर प्रत्येक शिफ्ट में तैनात स्वास्थ्यकर्मी अपनी उपस्थिति दर्ज करेंगे। उन्होंने सभी स्वास्थ्य कर्मियों को पहचान पत्र जारी करने तथा ड्यूटी के समय पहचान पत्र अवश्य रखने को कहा। बिना पहचान पत्र व अनाधिकृत रूप से पाए जाने पर उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इमरजेंसी वार्ड में तैनात डॉ. सतीश के मोबाइल नंबर पर बात कर उनकी इमरजेंसी में तैनाती के संबंध में पूछताछ की। उन्होंने इमरजेंसी में प्रात: शिफ्ट के प्रभारी डॉ. राहुल देव को निर्देश दिए कि मरीजों को उनकी आवश्यकता अनुसार वार्ड में भर्ती कराया जाए और पंजिका में उनकी हालत का भी स्पष्ट रूप से उल्लेख किया जाए।
डीएम ने इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों से इलाज की जानकारी की। मरीज कबूतरी देवी एवं एक अन्य मरीज के परिजनों से बातचीत कर उनके इलाज के संबंध में आवश्यक निर्देश चिकित्सकों को दिए। इस दौरान चीफ फार्मासिस्ट राकेश कुमार त्रिपाठी एवं बलराम यादव से डी फार्मा व बी फार्मा के प्रशिक्षु फार्मासिस्ट के संबंध में जानकारी प्राप्त की। प्रशिक्षु फार्मासिस्टों को पहचान पत्र नहीं जारी किए जाने पर नाराजगी जताई। कहा कि बिना पहचान पत्र के कोई प्रशिक्षु पाया जाएगा तो गंभीरता से लिया जाएगा और इसकी जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. राकेश कुमार बरनवाल से कहा कि पैरामेडिकल स्टाफ की मीटिंग कर उन्हें जिम्मेदारियों से अवगत कराएं। कहा कि बाहरी व अनाधिकृत लोग चिकित्सालय में उपस्थित न रहें और दवा खरीजने, जांच कराने में बाहरी लोगों की दखलअंदाजी न हो।
इसके बाद जिलाधिकारी जिला महिला चिकित्सालय पहुंचे। उन्होंने नर्सिंग अधीक्षक उर्मिला सिंह के कक्ष में पहुंचकर उपस्थिति पंजिका का निरीक्षण किया। कहा कि यदि कोई भी स्वास्थ्य कर्मी और चिकित्सक बिना किसी सूचना एवं सक्षम प्राधिकारी की सहमति के अनुपस्थित पाए गए तो उनके एक दिन का वेतन रोका जाए। प्रधानाचार्य ने कहा कि सभी उपस्थिति पंजिका वेतन बनाए जाने के पहले मेरे पास सत्यापन के लिए भेजे जाएं। उन्होंने महिला चिकित्सालय में शिफ्टवार इंचार्ज भी बनाए जाने के लिए कहा और उपस्थिति पंजिका हर शिफ्ट में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके बाद डीएम ने इमरजेंसी ओटी, वार्ड का निरीक्षण किया।
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वहां से क्रिटिकल कक्ष (एसएनसीयू) में पहुंचकर बच्चों के इलाज को देखा। वहां इंचार्ज डॉ. आरसी झा व डॉ. महेश गुप्ता मौजूद रहे। डॉ. झा ने बताया कि झटका व सांस के एक-एक क्रिटिकल मरीज हैं, जबकि अन्य कमजोर व देर से रोने वाले बच्चे हैं। डीएम ने व्यवस्था, उपलब्धता को देखा। इस दौरान वेंटिलेटर के लिए तकनीशियन व चतुर्थ श्रेणी कर्मी की जरूरत बताई गई। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों चिकित्सा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान एसडीएम सौरभ सिंह, सीएमएस डॉ. आनंद मोहन वर्मा, सीएमएस डॉ. अल्पना रानी, डॉ. शशि कपूर, डॉ. राहुल, डॉ. एचके मिश्र, डॉ. आरके श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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