बताया जा रहा है कि परिवार के लोग के साथ दूसरी मासूम बच्ची प्रीति बाहर निकल गई और प्रिया अंदर ही सोई रह गई। प्रिया के अंदर होने की किसी को भनक नहीं लगी। जब लोगों ने आग को बुझाने में सफलता पाई और प्रिया की तलाश शुरू हुई तो प्रिया उसी में झुलस गई थी।
जिसके बाद स्वजन इलाज हेतु मेडिकल कॉलेज देवरिया ले गए, जहां ईलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। यह सुन गांव के लोगों के साथ परिवार के लोगों की भी आंखें भर आई ।
बेटी के शव देख बेहोश हो रही थी माँ पूनम
बेटी के शव को देख पूनम बेहोश होकर मौके पर ही गिर गई। गांव के लोगों ने पानी का छींटा मारकर होश में लाया, लेकिन पूनम अपने बेटी के खोने के गम को सहन नहीं कर पा रही थी और अपने गोद में जली बच्ची का शव लेकर रोते-रोते बेहोश हो जाती। पूनम को रोता देख वहां मौजूद जवार के लोगों की आंखें भर गई थी ।
एसडीएम ने किया आर्थिक मदद
घटना स्थल पर पहुँचे एसडीएम भाटपाररानी हरिशंकर लाल ने पीड़ित परिवारो को कोटेदार से राशन का प्रबंधन किया गया । एसडीएम ने बताया घटना दुःखद है । पीड़ित परिवार को हर प्रकार की मदद कराया जाएगा ।