देवरिया। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा आठवीं के बच्चेेे यह बतायें कि एनी बेसेंट ने होमरूल लीग की स्थापना 1915 में की थी तो आपको हैरानी नहीं होनी चाहिए।
दरअसल शासन स्तर से उन्हें नि:शुल्क उपलब्ध कराई गई पाठ्य पुस्तक हमारा इतिहास और नागरिक जीवन के पेज 83 पर महत्वपूर्ण घटनाएं और तिथियों में 1916 की जगह 1915 छपा है। ऐसा नहीं की इस पुस्तक में केवल यही एक गलती है। ठीक से गौर किया जाए तो किताबों में तमाम गलतियां हैं लेकिन इस पर न तो कोई अधिकारी गौर करता है और न ही पढ़ाने वाले शिक्षक। कक्षा आठ के हमारा इतिहास और नागरिक जीवन के किताब के पन्ने पलटें तो गलतियां ही गलतियां मिलेंगी। किताब के पेज 83 पर महत्वपूर्ण घटनाएं में जो गलतियां हैं उसके बारे में स्पष्ट कर दें कि एनी बेसेंट ने होम लीग स्थापना सितंबर 1916 में की थीं। हां यह जरूर है कि 1915 में बाल गंगाधर तिलक और एनी बेसेंट ने स्वशासन होमरूल को लेकर एक योजना पर आपस में चर्चा की थी। तिलक के नेतृत्व में 28 अप्रैल 1916 को बेलगांव में होमरूल लीग स्थापित हुई और उसका केंद्र पूना बनाया गया था।
इसी किताब में पाठ 11 के स्वतंत्र भारत की चुनौतियां एवं विकास शीर्षक के पेज 81 पर अंकित है कि दसवीं पंचवर्षीय योजना चालू हो गई है, जबकि लेखक को शायद यह पता नहीं कि पहली अप्रैल 2002 से शुरू हुई दसवीं पंचवर्षीय योजना 31 मार्च 2007 को ही खत्म हो गई। उसके बाद शुरू हुई 11वीं पंचवर्षीय योजना को भी समाप्त हुए साढे़ चार माह हो गया। इसी तरह कक्षा सातवीं के महान व्यक्तित्व के किताब में पाठ 31 के पेज 98 पर वीर अब्दुल हमीद का पैतृक गांव गाजीपुर के धामपुर को बताया गया है जबकि उनका जन्म धामूपुर में हुआ था। मजे की बात यह है कि इस त्रुटिपूर्ण तथ्य की जानकारी देने वाली इन पाठ्य पुस्तकों का यह संशोधित संस्करण है और बहुत ही अध्ययन करने के बाद शिक्षा निदेशालय बेसिक ने इसे मुद्रित की है। ऐसे में यह किताब पढ़कर बच्चे कैसे किसी प्रतियोगिता को पास करेंगे। बीएसए एमए अंसारी ने बताया कि किताबें निदेशालय से छप कर आईं हैं इसमें जिले की कोई गलती नहीं है।