यूपी में बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला काजीपुरा-मलकंठ स्थित बिलका के कब्रिस्तान की चहारदीवारी के निर्माण के दौरान दो समुदाय आमने- सामने हो गए। दोनों तरफ से ईट पत्थर चलने से भगदड़ मच गई।
मामले की भनक लगते ही डीएम, एसएसपी कई थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। तनाव को देखते हुए गांव में पीएसी तैनात कर दी गई है। दोनों पक्षों को समझा बुझाकर शांत कराया गया।
प्रशासन की ओर से बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला काजीपुर-मलकंठ स्थित बिलका के कबिस्तान की चहारदीवारी का निर्माण कराया जा रहा है। कब्रिस्तान के पड़ोस में हरिजन बस्ती है। इस बस्ती के लोगों ने कब्रिस्तान की सीमा में आने वाली जमीन पर झंडे लगा दिए थे। करीब पांच दिन पहले इस बात को लेकर विवाद हुआ था।
पथराव से इलाके में मची भगदड़
इसकी जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने झंडे हटवा दिए और एक व्यक्ति को हिरासत में ले लिया था। बाद में उसे छोड़ दिया गया गया। गुरुवार को किसी ने कब्रिस्तान का एक पत्थर तोड़ दिया। इसकी भनक लगने पर एक समुदाय के लोग मौके पर जुट गए। पत्थर कब्जे में लेकर आक्रोश जताया। इसी बीच दूसरे समुदाय के लोग भी लामबंद हो गए। दोनों तरफ से लोगों के एकजुट होने पर पथराव होने लगा। इससे इलाके में भगदड़ मच गई।
एसडीएम रामकेर यादव, सीओ विजय त्रिपाठी और कोतवाल श्याम बहादुर सिंह दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और समझाने बुझाने की कोशिश की, लेकिन गुस्साए लोग एक-दूसरे के खिलाफ आरोप प्रत्यारोप लगाने लगे। मामला तूल पकड़ने देख जिला मुख्यालय सूचना दी गई। डीएम रमेश मिश्र, एसएसपी गोविंद अग्रवाल, एएसपी अजय शंकर राय के अलावा सांडी, मल्लावां, माधौगंज, मल्लावां समेत आस पास के आधा दर्जन थानों की फोर्स मौके पर पहुंची।
तनाव को देखते हुए गांव में पीएसी तैनात कर दी गई। एसएसपी ने बताया कि फिलहाल मामला शांत है। इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। घटना की जानकारी मिलने पर भाजपा जिलाध्यक्ष भी मौके पर पहुंचें।