सिंचाई विभाग की लापरवाही बरसात में शहरवासियों पर भारी पड़ सकती है। बाढ़ व भारी जलभराव से निपटने की प्रस्तावित कार्ययोजना पैसे की कमी के चलते अधूरी पड़ी हैं।
इसके चलते मुख्यमंत्री आवास के साथ ही कालिदास मार्ग, प्राणी उद्यान, गोमती बैराज सहित शहर के डेढ़ दर्जन प्रमुख चिह्नित इलाकों में जलभराव व बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
नहीं दिया पूरा बजट
दूसरी तरफ इससे निपटने के लिए प्रस्तावित कार्ययोजना के लिए सिंचाई विभाग द्वारा स्वीकृत 249.90 लाख के बजट में से अब तक मात्र 35 लाख रुपये ही उपलब्ध कराया गया है।
अब ऐसे में बरसात के जोर पकड़ने पर बाढ़ व जलभराव से शहर की कानून व शांति व्यवस्था के बिगड़ने का अंदेशा भी जताने लगा है। इससे परेशान जिलाधिकारी अनुराग यादव ने प्रमुख सचिव सिंचाई को एक पत्र भेजकर गंभीर चिंता जताई है।
फौरन काम करने का निर्देश
उन्होंने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तत्काल बाढ़ अनुरक्षण एवं मरम्मत मद में बचे 214.90 लाख रुपये स्वीकृत कर शहर में बाढ़ व जलभराव से संबंधित कार्य फौरन कराने का निर्देश दिया है।
बरसात में आशंकित बाढ़ व जलभराव की समस्या से छुटकारे के लिए अधिशासी अभियंता लखनऊ खंड दो शारदा नहर ने विभिन्न कार्य कराने की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की थी।
होने थे कई काम
इसके तहत गोमती तटबंध, कुकरैल तटबंध, लॉ-मार्टिनियर तटबंध पर स्थित बैरलों के रखरखाव, मरम्मत, सुदृढ़ीकरण, गोमती बैराज के गियर बॉक्स असेम्बली की आयलिंग-ग्रीसिंग, बैरलों से गोमती नदी तक नालों की सफाई के साथ भारी जलभराव के लिए चिह्नित शहर के प्रमुख स्थानों पर जलनिकासी के पर्याप्त इंतजाम के लिए कई काम होने थे।
बरसात ने रोका बजट
इस पर 249.90 लाख की राशि खर्च के लिए बाढ़ अनुरक्षण एवं मरम्मत मद में खर्च की जानी थी। लेकिन, बरसात शुरू हो जाने के बावजूद प्रस्तावित कार्यों को पूरा कराने के लिए जरूरत के इतर मात्र 35 लाख की राशि ही अब तक दी गई है।
जुलाई में भारी बरसात की चेतावनी
इसके चलते ही धनाभाव के कारण आशंकित बाढ़ व भारी जलभराव से निपटने की प्रशासन की तैयारियों को भी बड़ा झटका लगा है।
अब ऐसे में मौसम विभाग द्वारा जुलाई माह में भारी बरसात की चेतावनी से जलभराव की समस्या न केवल शहरवासियों का सुख चैन छीनेगी इससे उत्पन्न होने वाली अन्य परेशानियों से कई इलाकों में कानून व्यवस्था बिगड़ने का अंदेशा भी अधिकारी जताने लगे हैं।
... तो सुरक्षित नहीं कालिदास मार्ग
प्रमुख सचिव सिंचाई विभाग को भेजे गए पत्र में जिलाधिकारी ने सीएम आवास सहित अन्य कई अति विशिष्ट आवास वाले कालिदास मार्ग में भी जलभराव की गंभीर स्थिति का खतरा बताया है।
नहीं हो सकी है मरम्मत
इसमें कहा गया है कि लॉ-मार्टिनियर तटबंध के पास से 3.79 किलोमीटर तक तटबंध स्थित बैरलों के लिए जरूरी मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण कार्य भी अभी तक नही हो पाया है।
इससे गोमती में पानी बढ़ने की स्थिति में पूरे कालिदास मार्ग पर जलभराव से आवागमन बाधित हो सकता है।
चिड़ियाघ्ार की निदेशक भी चिंतित
प्राणी उद्यान पर भी मंडराया खतरा बरसात पूर्व बाढ़ व जलभराव से निपटने की अधूरी रही तैयारियों से प्राणी उद्यान (चिड़ियाघर) पर भी खतरा मंडरा रहा है।
इसकी आशंका खुद निदेशक प्राणी उद्यान ने जिलाधिकारी को एक पत्र भेजकर जताई है।
कई जगह क्षतिग्रस्त है बांध
इसमें कहा गया है कि प्राणी उद्यान के अंदर बाउंड्रीवाल के साथ बने बांध में बरसात के पानी के बहाव से जगह-जगह मिट्टी की कटान हो गया है।
जिससे बांध कई जगह क्षतिग्रस्त हो गया है। ऐसे में समय रहते इसका मरम्मत कार्य न होने पर भारी बरसात की स्थिति में प्राणी उद्यान में बाढ़ के खतरे से दुर्लभ वन्यजीव जंतुओं की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
कई प्रमुख इलाके अलर्ट पर
शहर की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए कई प्रमुख इलाकों में भारी बरसात के दौरान जलनिकासी की पर्याप्त व्यवस्था न होने जलभराव का खतरा बना हुआ है।
नगरीय क्षेत्र में बंगला बाजार, रुचि खंड, एलडीए कानपुर रोड, आशियाना, जानकीपुरम, इंदिरानगर, गोमती नगर, डालीगंज, जियामऊ, महानगर एक्सटेंशन, सचिवालय कॉलोनी बादशाहनगर, कैसरबाग व ठाकुरगंज सहित ढाई दर्जन प्रमुख स्थानों को जलनिकासी के लिए नालों में सफाई कार्य न होने व पंपिंग सेट न लगने से रेड अलर्ट स्थिति में चिह्नित किया गया है।