फोटो नंबर-16- शंख बजाते साधू व अन्य। संवाद
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चित्रकूट। हिंदू एकता महाकुंभ कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने अध्यक्षता करते हुए कहा हिंदू धर्म के हित के लिए जीवन भर कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि भीष्म पितामाह व जटायु का उदाहरण देते हुए कहा कि जटायु ने माता सीता की रक्षा करने के लिए रावण से भिड़ गया।
रावण ने उसके पर काट दिये। मृत्यु होने पर भगवान की गोद मिली, जबकि द्रोपदी का जब चीरहरण हुआ तो भीष्म पितामाह देखते रहे। कुछ बोले नहीं, जिसकी सजा उनको बाणों की सजा मिली।
उन्होंने कहा कि उनका कार्यक्र म सफल रहा। कहा कि हिंदुओं के हित के लिए वह हमेशा कार्य करते रहेंगे। रामनंदाचार्य के बताए रास्ते पर चलेंगे।