चित्रकूट। रानीपुर टाइगर रिजर्व के जंगल से सटे सरभंगा आश्रम के पास के जंगल में चितरहा वाली बाघिन तीन शावकों के साथ दिखी है। शावकों की उम्र एक माह से अधिक लग रही है। छह वर्षीय चितरहा ने दूसरी बार शावकों को जन्म दिया है। बाघों का कुनबा बढ़ने से वन विभाग ने खुशी जताई है। इनकी सुरक्षा के इंतजाम किए जा रहे हैं।
यूपी-एमपी के तराई क्षेत्र के जंगलों में बाघों का कुनबा बढ़ रहा है। एमपी के मझगवां वन परिक्षेत्र के सरभंगा जंगल में करीब 12 बाघ हैं। ये यूपी और एमपी के जंगलों में विचरण कर रहे हैं। वन विभाग के लिए इनकी सुरक्षा की चुनौती भी है। तराई के जंगल में बाघों की बढ़ती संख्या से पर्यावरण प्रेमी भी खुश हैं। रानीपुर टाइगर रिजर्व क्षेत्र के उपनिदेशक डॉ. एनके सिंह ने बताया कि बाघिन और उसके शावकों की चहलकदमी की जानकारी मिली है। इनको सुरक्षित रखने के उपाय किए जाएंगे।
वाहन की टक्कर से तेंदुए की मौत
चित्रकूट। चीतल का शिकार कर सड़क पार कर रही मादा तेंदुए को किसी वाहन ने टक्कर मार दी। इससे उसकी मौत हो गई।
वन परिक्षेत्र अधिकारी नितेश पटेल ने बताया कि शनिवार की रात भरतकूप थाने की सीमा से सटे वन परिक्षेत्र पवई के बिरहा बीट के चांद सिल्वर घाट के पास तेंदुआ चीतल का शिकार कर जंगल की ओर जा रहा था। इसी दौरान किसी वाहन से टकराकर उसकी मौत हो गई। मृत मादा तेंदुए से दस फीट की दूरी पर ही मृत चीतल पड़ा था। उसके गले में तेंदुए के दांत के निशान थे।