फोटो-8- घटना की जानकारी देते मृतक के परिजन। संवाद
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चित्रकूट। युवक ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। परिजनों ने पुलिस पर आरोप लगाया कि एक दिन पूर्व घरेलू विवाद में उसे पकड़कर कोतवाली लाया गया था। उसे छोड़ने के एवज में पांच हजार रुपये मांगे गये। जब वह घर पहुंचा तो एक होमगार्ड के माध्यम से लगातार फोनकर रुपये देने का दबाव बनाया गया, जिससे क्षुब्ध होकर युवक खुदकुशी की है। उधर, एसपी ने खुदकुशी का कारण पारिवारिक कलह बताया है। अन्य मामले में जांच कराने की बात कही है।
सदर कोतवाली क्षेत्र के चुनहापुरवा गांव निवासी कामता प्रसाद ने बताया कि मंगलवार की शाम को उसके पुत्र सुनील (27) का पत्नी प्रतिभा से विवाद होने पर मां कल्ली देवी ने यूपी 112 पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस उसे कोतवाली ले आई।
रात में काफी कहासुनी के बाद बुधवार की शाम को उसे गांव के लवलेश के सुपुर्द कर घर भेज दिया। इसके बाद पुत्र ने घर के अंदर फांसी लगाकर जान दे दी। बृहस्पतिवार की सुबह जागे परिजनों ने यह देखा तो कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। युवक के एक पुत्र और एक पुत्री है। मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था।
युवक के पिता और मां ने आरोप लगाया कि कोतवाली के एक होमगार्ड ने कई बार फोन कर कहा कि सुनील को छोड़ने के लिए पुलिसकर्मी पांच हजार रुपये मांग रहे हैं। परिजनों ने कहा कि उनके पास इतने रुपये देने को नहीं थे। इस संबंध में एसपी धवल जायसवाल ने बताया कि खुदकुशी के पीछे पारिवारिक कारण ही हैं। किसी अन्य ने प्रताड़ित नहीं किया है। उसका परिजनों से अक्सर विवाद होता था। कोतवाली से लौटने के बाद भी घर में विवाद हुआ था। अन्य शिकायतों की जांच की जा रही है।