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पहले तौल हुई नहीं, अब बारिश का बहाना

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चित्रकूट। लगातार चार दिनों से हो रही बारिश के कारण धान की खरीद रविवार को भी नहीं हो सकी। कई किसानों का धान भीग गया है। इससे उनका धैर्य टूटने लगा है। कई किसान भीगा धान लेकर घर लौट गए हैं। किसानों ने दुख जताया कि अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने उनका हाल तक नहीं जाना।
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हालांकि बारिश अभी चार दिन से ही हो रही है, लेकिन जिले भर के खरीद केंद्रों में किसान 10-12 दिन पहले से ही धान लिए पड़े हैं। समय पर खरीद हो जाती तो ऐसी हालत न होती। अब बारिश की वजह से धान खरीद केंद्रों पर पानी भर गया है। इससे तौल नहीं हो पा रही है। तौल शुरू भी होती है तो बारिश के कारण धान भीगने लगता है।
सपहा गांव के किसान राजेश सिंह, लोढवारा गांव के भोला सिंह ने बताया कि बारिश बंद होने के इंतजार में धान केंद्रों में समय काट रहे है। अलाव व ठहरने की व्यवस्था नहीं है। आसपास जहां भी छांव मिल रही है, वहां समय काट रहे हैं। जिला खाद्य विपणन अधिकारी संजय श्रीवास्तव का कहना कि बारिश होने से धान की सफाई व तौल नहीं हो पा रही है। इस वजह से खरीद प्रभावित है।
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चित्रकूट। बुंदेली सेना के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह ने बताया कि रविवार को मंडी के गोदामों से कोटे के खाद्यान्न की उठान हुई, लेकिन धान खरीद के लिए बारिश का बहाना है। गल्ला मंडी में खुले दो धान केंद्रों में लगभग 20 ट्राली
धान लदा खड़ा है। किसान तौल का इंतजार कर रहे हैं। बारिश से बचाने के ट्रालियों में पन्नी की तिरपाल है और किसान रात दिन उनकी रखवाली कर रहे हैं। रामपुर तरौंहा के किसान मनोज ने बताया कि 28 दिसंबर को दो ट्राली धान लेकर आए थे। बसावनपुर के रामजी उपाध्याय चार जनवरी को दो ट्राली धान लेकर आए थे। अब तक इंतजार ही कर रहे हैं। संवाद
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