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बिजली विभाग का कर्मचारी बिल सुधार के नाम पर लेता मोटी रकम

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फोटो नंबर-4- संपूर्ण समाधान दिवस पर मिली शिकायतों पर कार्रवाई करते डीएम एसपी । संवाद - फोटो : CHITRAKOOT
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राजापुर (चित्रकूट)। संपूर्ण समाधान दिवस पर गोशाला के लिए कार्यरत मजदूरों ने जब डीएम को बताया कि उन्हें चरवाहे के रूप में काम तो कराया पर मजदूरी नहीं दी। इस पर डीएम शुभ्रांत कुमार शुक्ल का पारा चढ़ गया। उन्होंने नायब तहसीलदार को बुलाकर संबधित गांव के प्रधान व सचिव से तत्काल भुगतान कराने के निर्देश दिए।
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इसी प्रकार बिजली विभाग की मनमानी की शिकायतों का अंबार रहा। इस विभाग में कार्यरत एक कर्मचारी पर बिल सुधारने के नाम पर मोटी रकम लेने के आरोप लगे। बताया कि इसके बाद भी वह बिल नहीं बनवाता, बस चक्कर लगवाता है। इस मामले में डीएम ने अधिशाषी अभियंता से जानकारी मांगी है। शनिवार को डीएम शुभ्रांत
कुमार शुक्ल व एसपी धवल जायसवाल की उपस्थिति में तहसील राजापुर सभागार में संपूर्ण समाधान दिवस हुआ। विभिन्न विभागों की 48 समस्याएं प्राप्त हुई। इसमें पांच समस्याओं का मौके पर निस्तारण कराया गया। इस
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मौके पर मुख्य विकास अधिकारी अमित आसेरी, उप जिलाधिकारी न्यायिक रामजनम यादव, तहसीलदार रामकेवल त्रिपाठी, जिला विकास अधिकारी आरके त्रिपाठी, परियोजना निदेशक ऋषि मुनि उपाध्याय, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी शशिकांत शुक्ला सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
केस एक- कस्बे के मिठाईलाल ने बताया कि अक्तूबर 2020 में जेई जल कल विभाग ने संविदाकर्मी के रूप में 2100 रुपये प्रतिमाह की मजदूरी में रखा था। उसे 10 हजार 500 रुपये दिया गया, लेकिन कई माह गुजर जाने के बाद शेष 14 हजार 700 रुपये मजदूरी नहीं दी गई।
केस दो- बरगढ़ के रामलाल ने बताया कि बिजली विभाग का एक कर्मचारी बिल सुधार के नाम पर मोटी रकम लेता है। विरोध करने पर कहता है कि उच्चाधिकारियों को भी हिस्सा देना पड़ता है। उसके बिल सुधार में मोटी रकम ली गई इसके बाद उसे दो माह तक चक्कर लगवाया गया।
केस - तीन - बक्टाखुर्द निवासी बुद्दन पुत्र स्व सुज्जी ने बताया कि 2020 में ग्राम पंचायत के गोशाला में चरवाहे के रूप में प्रधान व सचिव ने नियुक्त किया था, लेकिन आज तक मजदूरी नहीं दी गई।
केस चार- ग्राम पंचायत पियरिया के राजधर शुक्ला ने बताया कि उसने किसी भी स्थान में बोरवेल नहीं लगाया, लेकिन 2014 से विद्युत उपखण्ड राजापुर के अधिशाषी अभियंता विद्युत बिल फर्जी तरीके से भेज रहे है। कई बार विद्युत बिल समायोजन के साथ समाप्त करने के लिए पत्र दे चुका है पर कार्रवाई नहीं हुई।
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