चित्रकूट। शहर के ओवरब्रिज की टूटी सड़क और दोनों ओर गड्ढों की मरम्मत का काम तो शुरू नहीं हुआ लेकिन उसमें राजनीति जरूर होने लगी है। विपक्षियों को जहां सत्ताधारी भाजपा के नेताओं पर व्यंग्य कसने का मौका मिला है वहीं भाजपा के जनप्रतिनिधियों ने इसके लिए किये जा रहे प्रयासों के बारे में लोगों को बताया है।
शहर के रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाले पेट्रोल पंप तिराहे की हालत कई साल से खराब है। कुछ इसी तरह करोड़ों रुपये की लागत से बने ओवरब्रिज की सड़क का भी होने लगा है। कई बार अमर उजाला में इस रेल पटरी के ऊपर की टूटी सड़क और दोनों ओर के गड्ढायुक्त संपर्क मार्ग की हालत की खबर का प्रकाशन भी किया। सपा जिलाध्यक्ष अनुज यादव ने कहा कि भाजपा के नेताओं के इशारे पर ही विभागीय अधिकारी इस सड़क की मरम्मत नहीं करा रहे हैं। भाजपा के नेताओं ने अधिकारियों को अपने-अपने गांव की सड़कों को बनवाने का दबाव बनाया है। कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष पंकज मिश्रा ने कहा कि जनप्रतिनिधियों की नीति के कारण ही अधिकारी बेलगाम हैं। वह सिर्फ मीटिंग कर योजना बनाते हैं। बसपा जिलाध्यक्ष शिवबाबू वर्मा ने कहा कि अधिकारी से लेकर जनप्रतिनिधि खाऊ कमाऊ नीति में जुटे हैं।
उधर, इस मामले में सांसद आरके सिंह पटेल ने एक पत्र जारी कर बताया कि विभागीय अधिकारियों समेत रेल विभाग को भी पत्र लिखकर इस ओवरब्रिज की टूटी व गड्ढायुक्त सड़क को बनाने के निर्देश दिए गए हैं। जिसका जवाब आ चुका है। बारिश थमते ही जल्द इसकी मरम्मत शुरू होगी। राज्यमंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय ने कहा कि विपक्षियों के पास कोई मुददा नहीं है तो बेवजह आरोप लगा रहे हैं। टूटी सड़कों की मरम्मत और नई सड़कों का जाल पूरे प्रदेश में बिछाने का काम शुरू हो चुका है। जिले की सभी ऐसी सड़कों का एस्टीमेट विभाग को बनाने के निर्देश हैं। इसमें काम शुरू होगा, सर्वे भी हो चुका है।
साढ़े चार साल बीते, नहीं बन पाया संपर्क मार्ग
चित्रकूट। शहर के ओवरब्रिज के शंकर बाजार की ओर एक तरफ का संपर्क मार्ग अधूरा पड़ा है। साढ़े चार साल बाद भी महज 50 मीटर की रोड कोई विभाग नहीं बनवा पाया है। स्थानीय नीरज केशरवानी, संजीव अग्रवाल, रूपेश वर्मा, अजय गुप्ता व प्रदीप सिंह ने बताया कि कई बार सीएम से लेकर डीएम तक को पत्र लिखकर इस अधूरी सड़क बनवाने की मांग की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। बारिश के दिनों में यहां आवागमन में भारी परेशानी होती है। ओवरब्रिज से उतरकर इस मार्ग की ओर आने-जाने में लोग अक्सर सड़क दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। कई बार अधिकारी सर्वे भी कर चुके लेकिन हर बार आश्वासन ही मिलता है। (संवाद)