चित्रकूट/पहाड़ी। पहाड़ी थाना क्षेत्र के एक गांव की किशोरी की दुष्कर्म के बाद मौत मामले में पुलिस ने सोमवार को परिजनों और आरोपियों का सामना कराया। इसके साथ ही राजापुर व मंझनपुर के डॉक्टर व स्टाफ के बयान लिए गए। सीसीटीवी फुटेज से स्टाफ की पहचान कराई गई। एक दो दिन में पुलिस मामले का खुलासा कर सकती है।
तीन जून को पहाड़ी थाना क्षेत्र के एक गांव में इलाज के दौरान दुष्कर्म पीड़िता की मौत हुई थी। इसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाने से मौत की पुष्टि हुई तो मामला ऑनर किलिंग की ओर मुड़ गया है। पुलिस ने नदीम, विपुल व आदर्श के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज तीनों पकड़ लिया है। दो दिन तक भारी हंगामे के बीच मामले की जांच सीओ राजापुर कर रहे हैं। जांच के दौरान पता चला कि एक जून को किशोरी से दुष्कर्म हुआ था। इसके बाद दो जून को हालत बिगड़ी थी। इलाज के लिए परिजन उसे पहले राजापुर फिर मंझनपुर अस्पताल ले गए। दोनों जगह लगभग दो-दो घंटे तक इलाज हुआ। इसके सीसीटीवी फुटेज पुलिस ने अपने पास रखे हैं। इलाज में प्रयोग दवाएं और पर्चा भी लिया गया है।
पुलिस अधीक्षक अतुल शर्मा ने बताया कि मामले की जांच दो दिन में पूरी होने की संभावना है। इसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। इसीलिए तीनों नामजद को अभी जेल नहीं भेजा गया है। थाने के हल्का इंचार्ज व बीट सिपाहियों की भूमिका की भी गहन जांच हो रही है कि आखिर दो दिन तक यह मामला उनके संज्ञान में कैसे नहीं आया। एक आरोपी पहाड़ी पुलिस का करीबी बताया जा रहा है ऐसे में पुलिस से उसकी बातचीत की भी जानकारी ली जा रही है। जल्द इसका खुलासा किया जाएगा। उधर, सोमवार को सीओ एसपी सोनकर व थाना प्रभारी अजीत पांडेय ने किशोरी के परिजनों व पड़ोसियों को तीनों आरोपियों के सामने बैठाकर पूछताछ की। इसके साथ ही राजापुर व मंझनपुर अस्पताल में किशोरी का इलाज करने वाले डॉक्टर व स्टाफ के भी बयान लिए गए।