चित्रकूट में कामदगिरी पर्वत की परिक्रमा पर कुछ श्रद्धालुओं ने सेल्फी लेने की जिद की तो कांग्रेस ?
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चित्रकूट। धर्मनगरी में कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी पूरी तरह से श्रद्धालु के रूप में नजर आईं। सभी मंदिरों में माथा टेककर पूजा की और कामदगिरी की परिक्रमा जय श्रीराम के उद्घोष के साथ लगाई। लगभग पांच किमी की परिक्रमा उन्होंने महज 45 मिनट में पूरी कर ली। हालांकि वह ज्यादातर समय मौन ही रहीं और मंत्रोच्चारण करती रहीं, लेकिन उनके साथ चल रहे कांग्रेसी जय श्रीराम का उद्घोष करते रहे। वह परिक्रमा मार्ग पर मौजूद लोगों का मुस्कराकर अभिवादन करना नहीं भूलीं।
यूपी विधानसभा नजदीक हैं और हर दल के नेता मतदाताओं के बीच पैठ बनाने में जुटे हैं। ऐसे में कांग्रेसी नेताओं का बार-बार मंदिर जाने और हिंदुत्व को लेकर विपक्षियों के सवाल खड़े करने को लेकर बुधवार को कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने कड़ा संदेश दिया। पहले रामघाट पर स्वामी मत्तगजेंद्रनाथ का जलाभिषेक किया, ेफिर मंदाकिनी नदी के जल तर्पण।
इसके बाद भगवान कामदनाथ मंदिर में माथा टेक कामदगिरी की परिक्रमा लगाई। हिंदुत्व का संदेश देने का प्रयास कर उन्होंने पूरी परिक्रमा मार्ग पर कांग्रेसी नेताओं द्वारा जय श्रीराम के उद्घोष के साथ परिक्रमा लगाई। बुधवार को महिला संवाद कार्यक्र्रम में पहले से तय कार्यक्रम में सिर्फ मंदिर में दर्शन करने का प्रोटोकाल था।
अचानक शाम को जब प्रियंका गांधी मंदिर पहुंची तो भगवान कामदनाथ की महिमा के बारे में जानने के बाद खुद को परिक्रमा करने से रोक नहीं सकीं। उनके परिक्रमा मार्ग पर चलते ही सुरक्षाकर्मियों के माथे पर पसीना आ गया। आनन-फानन में सारी व्यवस्थाएं की गईं। खुद नंगे पैर प्रियंका गांधी ने तेजी से लगभग मौन रहते हुए परिक्रमा की। रास्ते में कई जगह साधु संतों को प्रणाम भी किया। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार उर्फ लल्लू और चित्रकूट बांदा जिले के कांग्र्रेसी नेता मौजूद रहे।
चित्रकूट में गले में रामनामी व भगवान कामदनाथ की पट्टी डालकर कामदगिरी पर्वत की परिक्रमा करतीं का?- फोटो : CHITRAKOOT